राजनांदगांव। शहर के गौरीनगर और रेलवे स्टेशन क्षेत्र में बनाए जा रहे दो अंडरब्रिज तीन साल बाद भी पूरे नहीं हो सके हैं। निर्माण में लगातार हो रही देरी का खामियाजा पटरीपार रहने वाली बड़ी आबादी को भुगतना पड़ रहा है। करीब 50 हजार से अधिक लोगों को आवाजाही में परेशानी हो रही है, जबकि ओवरब्रिज पर वाहनों का दबाव बढ़ने से रोजाना जाम की स्थिति बन रही है।
दोनों अंडरब्रिज का निर्माण वर्ष 2024 तक पूरा किया जाना था, लेकिन तकनीकी कार्यों और निर्माण की धीमी रफ्तार के कारण समयसीमा लगातार बढ़ती गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि काम कई बार बंद रहने से परेशानी और बढ़ गई है।
ओवरब्रिज पर बढ़ा वाहनों का दबाव
अंडरब्रिज बंद रहने के कारण वाहन चालकों के पास ओवरब्रिज से गुजरने का ही विकल्प बचा है। यहां क्षमता से अधिक वाहनों की आवाजाही हो रही है। भारी वाहनों के बीच दोपहिया चालकों को भी जोखिम उठाकर सफर करना पड़ रहा है। यातायात व्यवस्थित करने के लिए ओवरब्रिज पर डिवाइडर लगाया गया है, लेकिन इसके बावजूद दोनों तरफ वाहनों की कतारें लग रही हैं।
पाइपलाइन और सिग्नल शिफ्टिंग का काम बाकी
नागपुर रेलवे जोन के निर्माण विभाग के मुताबिक रेलवे ट्रैक के बीच स्थित पाइपलाइन के साथ बिजली, इंटरनेट और सिग्नल लाइन की शिफ्टिंग समेत सुरंग पुशिंग जैसे तकनीकी कार्य अभी बाकी हैं। रेलवे ने अब दिसंबर 2026 तक दोनों अंडरब्रिज का काम पूरा करने का दावा किया है।
अंडरब्रिज शुरू होने के बाद ओवरब्रिज पर वाहनों का दबाव कम होने के साथ ही लोगों के समय की भी बचत होगी। साथ ही ट्रेन गुजरने के दौरान रेलवे क्रॉसिंग पर लंबे इंतजार की समस्या से भी राहत मिलने की उम्मीद है।





