भिलाई। भिलाई स्टील प्लांट (BSP) के कोक ओवन क्षेत्र से कॉपर वायर चोरी के मामले में पुलिस ने फरार चल रहे दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान निखिल कुमार साहू (20) और किशन ठाकुर (22) के रूप में हुई है। दोनों ग्राम जोरातराई के रहने वाले हैं। पुलिस ने पूछताछ के बाद दोनों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
12 अगस्त की रात हुई थी चोरी की कोशिश
पुलिस के मुताबिक, घटना 12 अगस्त 2026 की रात की है। भिलाई स्टील प्लांट के जंक्शन-12 स्थित कोक ओवन क्षेत्र की गैलरी से कुछ युवक कॉपर वायर चोरी कर बाहर ले जाने की कोशिश कर रहे थे।
इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात CISF की टीम की नजर संदिग्ध गतिविधियों पर पड़ी। जवानों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए कुछ आरोपियों को चोरी के सामान के साथ पकड़ लिया था। इसके बाद 13 अगस्त को भिलाई भट्ठी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई और पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
पहले भी दो आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार
जांच के दौरान पुलिस ने ग्राम जोरातराई में दबिश देकर घनश्याम मंडावी समेत दो आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था।
पुलिस ने उनके कब्जे से करीब 160 किलो कॉपर वायर बरामद किया था, जिसकी कीमत लगभग 40 हजार रुपये बताई गई। इसके साथ ही करीब 7 हजार रुपये कीमत का मोबाइल फोन भी जब्त किया गया था। इस तरह कुल करीब 47 हजार रुपये का सामान बरामद हुआ था।
लंबे समय से फरार थे निखिल और किशन
पुलिस जांच में निखिल कुमार साहू और किशन ठाकुर की भूमिका भी सामने आई थी, लेकिन दोनों घटना के बाद से फरार चल रहे थे।
पुलिस उनकी लगातार तलाश कर रही थी। इसी बीच 20 सितंबर को सूचना मिली कि दोनों आरोपी जोरातराई क्षेत्र में मौजूद हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने दबिश देकर दोनों को हिरासत में लिया।
पूछताछ के बाद भेजे गए जेल
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में दोनों आरोपियों ने BSP में हुई कॉपर वायर चोरी की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। इसके बाद उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
दीवार फांदकर प्लांट में घुसे थे आरोपी
पुलिस का कहना है कि आरोपी रात के समय BSP की सुरक्षा व्यवस्था को चकमा देकर दीवार फांदकर प्लांट परिसर में दाखिल हुए थे। इसके बाद उन्होंने कोक ओवन क्षेत्र से कॉपर वायर और अन्य सामग्री चोरी करने की कोशिश की।
CISF जवानों की सतर्कता के कारण चोरी की वारदात को समय रहते रोक लिया गया। पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।





