दुर्ग। जिले के सेलूद स्थित स्वामी आत्मानंद विद्यालय माध्यमिक शाला (हिंदी माध्यम) के विद्यार्थियों ने स्कूल में शौचालय और बाउंड्रीवॉल जैसी मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। मंगलवार को छात्रों ने पहले स्कूल के मुख्य गेट पर ताला लगाया और इसके बाद दुर्ग-पाटन मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। करीब एक घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर विद्यार्थियों से बातचीत की और समस्या के समाधान का आश्वासन दिया।

विद्यार्थियों का कहना है कि पिछले दो वर्षों से स्कूल में पर्याप्त शौचालय और बाउंड्रीवॉल की व्यवस्था नहीं है। कई बार शिकायत और मांग रखने के बावजूद समाधान नहीं होने पर उन्हें सड़क पर उतरना पड़ा।


स्कूल गेट पर ताला लगाकर सड़क पर बैठे विद्यार्थी

स्कूल शुरू होने से पहले विद्यार्थियों ने मुख्य द्वार पर तालाबंदी कर दी। इसके बाद छात्र दुर्ग-पाटन मुख्य मार्ग पर पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर चक्काजाम शुरू कर दिया।

छात्रों के प्रदर्शन के कारण मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ। विद्यार्थियों की मांग थी कि स्कूल में जल्द शौचालय बनाया जाए और परिसर की सुरक्षा के लिए बाउंड्रीवॉल का निर्माण कराया जाए।


स्कूल में पढ़ते हैं करीब 203 विद्यार्थी

ग्रामीणों के मुताबिक विद्यालय में करीब 203 छात्र-छात्राएं पढ़ाई करते हैं। छात्र और छात्राओं की संख्या लगभग बराबर बताई जा रही है।

स्कूल भवन में कमरों की कमी को देखते हुए वर्ष 2023 में करीब 44 लाख रुपये की लागत से पांच अतिरिक्त कमरे बनाए गए थे। इन कमरों में पिछले दो वर्षों से कक्षाएं संचालित हो रही हैं, लेकिन विद्यार्थियों का कहना है कि इसके साथ जरूरी शौचालय और बाउंड्रीवॉल की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई।


छात्रा बोली- दो साल से कर रहे हैं मांग

विद्यालय की छात्रा किंजल कुर्रे ने बताया कि शौचालय की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण विद्यार्थियों को लंबे समय से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार समस्या बताने के बावजूद समाधान नहीं होने पर छात्रों ने प्रदर्शन का रास्ता अपनाया।

छात्रा ने बाउंड्रीवॉल नहीं होने से स्कूल परिसर की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई। उसका कहना है कि बाहरी लोग परिसर में आ जाते हैं और कई बार विद्यार्थियों की साइकिलों को नुकसान पहुंचाने जैसी घटनाएं होती हैं। छात्राओं के लिए अलग और पर्याप्त शौचालय की व्यवस्था करने की भी मांग की गई है।


ग्राम समिति अध्यक्ष ने किया छात्रों की मांग का समर्थन

ग्राम समिति अध्यक्ष राजूलाल देवांगन ने भी विद्यार्थियों की मांग को उचित बताया। उन्होंने कहा कि स्कूल में कक्षा छठवीं से आठवीं तक बालक और बालिकाएं पढ़ते हैं, इसलिए पर्याप्त शौचालय और सुरक्षित परिसर की व्यवस्था आवश्यक है।

उन्होंने दावा किया कि समस्या को लेकर पहले भी ब्लॉक शिक्षा अधिकारी और जिला शिक्षा अधिकारी के समक्ष शिकायत की गई थी, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका।


शिक्षा विभाग की टीम पहुंची, छात्रों से की बातचीत

मामले की जानकारी मिलने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी जगजीत सिंह धीर के निर्देश पर शिक्षा विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों और ग्रामीणों से बातचीत की और उनकी समस्याओं की जानकारी ली।

विभाग की ओर से संबंधित योजना के तहत ऑनलाइन प्रस्ताव दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही वैकल्पिक व्यवस्था के लिए स्कूल प्राचार्य को राशि जारी किए जाने की जानकारी दी गई।


10 दिन में काम शुरू करने का मिला आश्वासन

विद्यार्थियों के मुताबिक अधिकारियों ने 10 दिनों के भीतर शौचालय निर्माण का काम शुरू कराने का आश्वासन दिया है। इसके बाद छात्रों ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दुर्ग-पाटन मार्ग को यातायात के लिए खोल दिया।

फिलहाल विद्यार्थी और ग्रामीण शिक्षा विभाग की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। उनका कहना है कि निर्धारित समय में समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे अपनी मांगों को लेकर दोबारा आंदोलन कर सकते हैं।