दुर्ग। छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू (H1N1) के मामले सामने आने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। दुर्ग जिले में अब तक 6 मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। राहत की बात यह है कि इनमें से चार मरीज स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं, जबकि दो मरीजों का इलाज जारी है।

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, उपचाररत मरीजों में से एक का इलाज एम्स रायपुर और दूसरे का सेक्टर-9 अस्पताल में किया जा रहा है। बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।


सर्दी-खांसी और बुखार के मरीजों पर नजर

जिले में इन दिनों सर्दी, खांसी और बुखार जैसे लक्षणों वाले मरीज सामने आ रहे हैं। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने संदिग्ध मरीजों की जांच और निगरानी बढ़ाने को कहा है।

अस्पतालों को निर्देश दिए गए हैं कि स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण वाले मरीजों की समय पर पहचान कर आवश्यक जांच और उपचार सुनिश्चित किया जाए।


जिला अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड तैयार

संभावित मरीजों के उपचार और उन्हें दूसरे मरीजों से अलग रखने के लिए जिला अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड तैयार किया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से भी सावधानी बरतने की अपील की है।

विभाग ने कहा है कि सर्दी, खांसी, बुखार या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही न करें और समय पर चिकित्सकीय सलाह लें।


बिलासपुर में भी मिले 7 मरीज, दो का इलाज जारी

दुर्ग के साथ बिलासपुर में भी स्वाइन फ्लू के मामले सामने आए हैं। यहां अब तक 7 मरीजों में H1N1 संक्रमण की पुष्टि होने की जानकारी है। इनमें से पांच मरीज स्वस्थ होने के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज हो चुके हैं, जबकि दो मरीजों का उपचार जारी है।

दोनों मरीजों का इलाज शहर के अपोलो अस्पताल में किया जा रहा है। भर्ती मरीजों में एक 75 वर्षीय महिला भी शामिल हैं। उनकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई गई है और उन्हें ICU से बाहर लाया गया है।

वहीं, एक अन्य 30 वर्षीय मरीज की रायपुर की ट्रैवल हिस्ट्री सामने आई है।


स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, सावधानी बरतने की अपील

दुर्ग और बिलासपुर में H1N1 के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग निगरानी बढ़ा रहा है। लोगों को भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सावधानी बरतने, खांसते और छींकते समय मुंह ढकने, हाथों की नियमित सफाई करने और बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी गई है।