कवर्धा। जिले के वनांचल क्षेत्र में संचालित सरकारी स्कूलों की व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बोड़ला विकासखंड के दो प्राथमिक स्कूलों की स्थिति सामने आने के बाद शिक्षा विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। एक स्कूल में पदस्थ शिक्षिका की जगह उनके पति के बच्चों को पढ़ाने का आरोप है, जबकि दूसरे स्कूल को निर्धारित समय से पहले बंद पाया गया। मामले में जांच के निर्देश दिए गए हैं।
शिक्षिका की जगह पति के पढ़ाने का आरोप
मामला गाभोड़ा प्राथमिक शाला का है। यहां पदस्थ महिला शिक्षिका के स्थान पर उनके पति द्वारा बच्चों को पढ़ाने की शिकायत सामने आई है। इतना ही नहीं, स्कूल से जुड़े दस्तावेजों में शिक्षिका के हस्ताक्षर भी उनके पति द्वारा किए जाने का आरोप लगाया गया है।
यदि जांच में ये आरोप सही पाए जाते हैं तो यह शिक्षकों की नियमित उपस्थिति और सरकारी स्कूलों की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर सकता है।
जर्जर भवन में पढ़ने को मजबूर बच्चे
गाभोड़ा प्राथमिक शाला का मौजूदा भवन भी जर्जर हालत में बताया जा रहा है। इससे बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
स्कूल के लिए वर्ष 2020 में नए भवन के निर्माण की स्वीकृति मिल चुकी थी, लेकिन करीब छह साल बाद भी निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है। नया भवन अधूरा पड़े होने के कारण बच्चों को पुराने और जर्जर भवन में ही पढ़ाई करनी पड़ रही है।
2020 से अधूरा पड़ा नया स्कूल भवन
नए भवन का निर्माण लंबे समय से अधूरा रहने के कारण स्कूल की बुनियादी सुविधाओं पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर बच्चों की पढ़ाई के साथ उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई जा रही है।
अधूरे निर्माण के बावजूद पुराने भवन का उपयोग जारी रहने से यह सवाल भी उठ रहा है कि निर्माण कार्य पूरा कराने और भवन की स्थिति की निगरानी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से अब तक क्या कदम उठाए गए।
समय से पहले बंद मिला कोटनापानी स्कूल
बोड़ला विकासखंड के कोटनापानी प्राथमिक शाला की स्थिति भी जांच के दौरान सामने आई। बताया गया कि निरीक्षण के समय स्कूल निर्धारित समय से पहले ही बंद मिला।
मौके पर न शिक्षक मौजूद थे और न ही बच्चे दिखाई दिए। इससे स्कूलों के समय पर संचालन और शिक्षकों की उपस्थिति की निगरानी को लेकर शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
DEO की ओर से स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं
मामला सामने आने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी एफ.आर. वर्मा की ओर से फिलहाल कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। दोनों स्कूलों की स्थिति को लेकर अब प्रशासनिक स्तर पर जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
अपर कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश
अपर कलेक्टर नरेंद्र पैकरा ने मामले में जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि जांच के दौरान यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।





