बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक मामले की सुनवाई के दौरान बुजुर्ग माता-पिता के अधिकारों को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। अदालत ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल करना केवल नैतिक ही नहीं बल्कि कानूनी जिम्मेदारी भी है।


अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि कोई बेटा या बहू अपने माता-पिता के साथ दुर्व्यवहार करता है या उन्हें प्रताड़ित करता है, तो यह गंभीर मामला माना जाएगा और कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है।


सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह भी कहा कि बुजुर्ग माता-पिता को सम्मान, सुरक्षा और देखभाल का पूरा अधिकार है, और उनके अधिकारों की अनदेखी नहीं की जा सकती।


कोर्ट ने संकेत दिया कि ऐसे मामलों में जरूरत पड़ने पर कानूनी संरक्षण और राहत भी दी जा सकती है, ताकि वरिष्ठ नागरिक सुरक्षित और सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें।