रायपुर। राजधानी रायपुर से लगे तुता गांव में नई राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (NRDA) की कार्रवाई से ग्रामीणों में चिंता का माहौल है। प्राधिकरण ने गांव के 35 मकानों पर अतिक्रमण संबंधी नोटिस चस्पा किए हैं। नोटिस में संबंधित परिवारों से 6 जुलाई तक जवाब प्रस्तुत करने को कहा गया है। इसके बाद संभावित कार्रवाई की आशंका से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
बताया जा रहा है कि नोटिस में संबंधित मकानों को प्राधिकरण की भूमि पर निर्मित बताते हुए अतिक्रमण का आरोप लगाया गया है। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया, तो नियमानुसार एकपक्षीय कार्रवाई की जा सकती है।
ग्रामीणों का कहना है कि वे पिछले 25 से 50 वर्षों से इस क्षेत्र में रह रहे हैं। कई परिवारों की पीढ़ियां यहीं बसी हैं और उन्होंने जीवनभर की कमाई से अपने मकान बनाए हैं। ऐसे में अचानक मिले नोटिस ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। उनका सवाल है कि यदि जमीन पर कब्जा अवैध था तो प्रशासन ने इतने वर्षों तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की।
गांववासियों के अनुसार, एक साथ 35 मकानों पर नोटिस लगाए जाने से पूरे गांव में बेचैनी फैल गई है। परिवारों को अपने आशियाने के भविष्य की चिंता सताने लगी है। महिलाओं और बुजुर्गों का कहना है कि उन्हें अपने घरों के साथ-साथ बच्चों के भविष्य की भी चिंता है।
नोटिस के अनुसार, संबंधित लोगों को 6 जुलाई को सुबह 11 बजे NRDA कार्यालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया है। समय पर जवाब नहीं देने की स्थिति में प्राधिकरण नियमानुसार आगे की कार्रवाई करेगा।
हाल के दिनों में नकटी गांव में हुई कार्रवाई के बाद अब तुता गांव में जारी नोटिसों ने ग्रामीणों की चिंता और बढ़ा दी है। लोगों का कहना है कि वे प्रशासन से निष्पक्ष सुनवाई और उचित समाधान की उम्मीद कर रहे हैं।





