रायपुर। नवा रायपुर के नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। हाउसिंग बोर्ड की ओर से 80 से अधिक मकानों को हटाए जाने के बाद प्रभावित परिवारों का विरोध तेज हो गया है। शुक्रवार को ग्रामीणों ने पहले कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर धरना दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद पैदल मार्च करते हुए आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी के सरकारी आवास पहुंचकर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। देर रात तक चले विरोध प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।
उधर, प्रशासन ने नकटी गांव में करीब 66 एकड़ भूमि पर बाउंड्रीवाल और फेंसिंग का निर्माण कार्य शुरू करा दिया है। निर्माण स्थल पर लगभग 500 पुलिस जवानों की तैनाती की गई है, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति न बने। हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी मांगों पर विचार करने के बजाय प्रशासन बलपूर्वक कार्रवाई कर रहा है।
इस बीच, मामला अब नकटी से आगे बढ़कर तूता गांव तक पहुंच गया है। ग्रामीणों का कहना है कि वहां भी कई लोगों को नोटिस मिलने शुरू हो गए हैं, जिससे संभावित कार्रवाई को लेकर लोगों में चिंता बढ़ गई है। कई परिवार भविष्य को लेकर असमंजस में हैं और गांव में भय का माहौल बना हुआ है।
वहीं, कांग्रेस ने प्रभावित परिवारों के समर्थन में मोर्चा खोल दिया है। पार्टी ने विस्थापितों को उचित मुआवजा, वैकल्पिक आवास और जमीन उपलब्ध कराने की मांग करते हुए सरकार से कार्रवाई पर पुनर्विचार करने की अपील की है।





