कवर्धा। जिले में चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में नई शुरुआत हुई है। कवर्धा में शासकीय मेडिकल कॉलेज का औपचारिक संचालन शुरू हो गया है। कॉलेज में 50 एमबीबीएस सीटें स्वीकृत हैं, जिनमें प्रथम बैच के लिए फिलहाल 35 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। विद्यार्थियों का स्वागत उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और सांसद संतोष पांडेय ने गुलाब का फूल देकर किया।


अलग-अलग जिलों से पहुंचे छात्र

मेडिकल कॉलेज के पहले बैच में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से विद्यार्थी पहुंचे हैं। स्वागत कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को मेडिकल कॉलेज में प्रवेश की बधाई दी गई और उन्हें आवश्यक मेडिकल किट भी प्रदान की गई।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने और मेहनत के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने की बात कही।


‘डॉक्टर बनने के साथ समाजसेवा भी जरूरी’

विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि डॉक्टर बनना केवल करियर का लक्ष्य नहीं होना चाहिए, बल्कि चिकित्सा के माध्यम से समाज और देश की सेवा की भावना भी महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए हॉस्टल की व्यवस्था की गई है और पढ़ाई के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। आने वाले समय में मेडिकल कॉलेज को और विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा।


सांसद संतोष पांडेय बोले- वर्षों पुराना सपना हुआ पूरा

सांसद संतोष पांडेय ने कहा कि कवर्धा में मेडिकल कॉलेज की स्थापना लंबे समय से जिले की जरूरत और मांग रही है। उन्होंने बताया कि इसके लिए उन्होंने लोकसभा में भी मुद्दा उठाया था और केंद्र सरकार को पत्र लिखकर मेडिकल कॉलेज की मांग रखी थी।

उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज के नए भवन का निर्माण कार्य जारी है। निर्माण पूरा होने के बाद विद्यार्थियों को नए परिसर में पढ़ाई की सुविधा मिल सकेगी।


स्वास्थ्य सुविधाओं को भी मिलेगा फायदा

कवर्धा में मेडिकल कॉलेज की शुरुआत से जिले में चिकित्सा शिक्षा का नया विकल्प उपलब्ध हुआ है। इसके साथ ही आने वाले वर्षों में स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की भी उम्मीद है।

मेडिकल कॉलेज के पूरी तरह विकसित होने के बाद विशेषज्ञ डॉक्टरों, प्रशिक्षण सुविधाओं और चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता बढ़ने से जिले के मरीजों को भी लाभ मिल सकता है।