खैरागढ़। जनपद पंचायत छुईखदान कार्यालय भवन में चल रहे मरम्मत कार्य को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस संबंध में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से शिकायत की गई है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि आवश्यक अनुमति, ले-आउट और निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना कार्य एजेंसी तय कर मरम्मत का काम कराया जा रहा है। साथ ही जांच पूरी होने तक काम पर रोक लगाने की मांग भी की गई है।


खैरा नवापारा को कार्य एजेंसी बनाने पर उठे सवाल

शिकायत का प्रमुख बिंदु ग्राम पंचायत खैरा नवापारा को कार्य एजेंसी बनाए जाने से जुड़ा है। शिकायतकर्ता ने सवाल उठाया है कि जनपद पंचायत कार्यालय भवन के मरम्मत कार्य की जिम्मेदारी इस ग्राम पंचायत को किस नियम और किस सक्षम अधिकारी की अनुमति से दी गई।

शिकायत में कार्य एजेंसी तय करने से लेकर मरम्मत शुरू कराने तक के सभी आदेश, स्वीकृतियां और संबंधित दस्तावेजों की जांच की मांग की गई है। यह भी स्पष्ट करने को कहा गया है कि एजेंसी का चयन नियमों के अनुरूप हुआ या नहीं।


तकनीकी निगरानी और गुणवत्ता पर भी सवाल

मरम्मत कार्य की तकनीकी निगरानी और निर्माण गुणवत्ता को लेकर भी शिकायत में आपत्ति जताई गई है। आरोप है कि कार्य आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन के बिना कराया जा रहा है और इसकी गुणवत्ता पर भी सवाल हैं।

शिकायतकर्ता ने स्थल निरीक्षण, ले-आउट, माप पुस्तिका, तकनीकी स्वीकृति, कार्यादेश, उपयोग की गई सामग्री, अब तक हुए कार्य और खर्च की जांच कराने की मांग की है। शिकायत में कहा गया है कि सरकारी भवन पर शासकीय राशि खर्च हो रही है, इसलिए कार्य की वास्तविक स्थिति और गुणवत्ता का मौके पर सत्यापन होना जरूरी है।


जांच पूरी होने तक काम रोकने की मांग

शिकायतकर्ता ने जिला पंचायत सीईओ से पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। साथ ही जांच पूरी होने तक मरम्मत कार्य पर रोक लगाने और अब तक खर्च की गई सरकारी राशि का परीक्षण कराने की बात कही गई है।

यदि जांच में नियमों के विपरीत एजेंसी तय करने या काम कराने की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। वहीं वित्तीय अनियमितता साबित होने पर राशि की वसूली की भी बात कही गई है।


प्रभारी सीईओ के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग

शिकायत में प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी के खिलाफ निलंबन या बर्खास्तगी तक की मांग की गई है। हालांकि, फिलहाल ये सभी आरोप शिकायतकर्ता के दावों पर आधारित हैं। प्रशासनिक जांच के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि मरम्मत कार्य में वास्तव में किसी नियम का उल्लंघन हुआ है या नहीं।


सरपंच ने कहा- मरम्मत कार्य की जानकारी नहीं

ग्राम पंचायत खैरा नवापारा के सरपंच प्रकाश जंघेल ने कहा कि यदि कार्यादेश जारी ही नहीं हुआ है तो जनपद पंचायत कार्यालय में मरम्मत कार्य शुरू होने का सवाल नहीं उठता। उन्होंने यह भी कहा कि जनपद कार्यालय भवन में खैरा नवापारा को एजेंसी बनाकर चल रहे छत मरम्मत कार्य की उन्हें जानकारी नहीं है।

सरपंच के अनुसार, पंचायत से जुड़े तकनीकी कार्यों की जानकारी तकनीकी सहायक गौतम पूरी देखते हैं।


अब जांच पर टिकी नजर

फिलहाल मामला शिकायत और आरोपों के स्तर पर है। प्रशासनिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कार्य एजेंसी चयन, तकनीकी स्वीकृति, वित्तीय प्रक्रिया और निर्माण गुणवत्ता में किसी तरह की गड़बड़ी हुई है या नहीं।

इस मामले में अब जिला पंचायत स्तर से होने वाली जांच और संबंधित दस्तावेजों के परीक्षण पर नजर बनी हुई है।