दुर्ग-भिलाई। दुर्ग जिले के पेंड्रावन और सेलूद में शिक्षकों की कमी और बुनियादी सुविधाओं को लेकर छात्रों के सड़क पर उतरने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने भी इस मुद्दे को उठाया है। पार्टी की ओर से महेंद्र भारद्वाज ने राज्यपाल, विधानसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के नाम पत्र सौंपकर प्रदेश के सरकारी स्कूलों की व्यवस्थाओं में सुधार की मांग की है।

CJP ने पत्र में सरकारी स्कूलों में उपयोग योग्य शौचालय, स्वच्छ पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं को लेकर तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। पार्टी का कहना है कि पेंड्रावन और सेलूद में हुए छात्र आंदोलन को केवल स्थानीय समस्या मानकर नहीं छोड़ा जाना चाहिए, बल्कि प्रदेशभर के सरकारी स्कूलों की वास्तविक स्थिति की जांच होनी चाहिए।

10 दिन में स्कूलों का सर्वे कराने की मांग

CJP की पहली मांग है कि बरसात और स्वच्छ भारत अभियान को ध्यान में रखते हुए अगले 10 दिनों के भीतर प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों का सर्वे कराया जाए। जिन स्कूलों में उपयोग योग्य शौचालय और स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, उनकी सूची सार्वजनिक की जाए।

दूसरी मांग के तहत प्रत्येक स्कूल में छात्र और छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालय की व्यवस्था करने को कहा गया है। शौचालयों में पर्याप्त पानी और बिजली उपलब्ध हो तथा नियमित रखरखाव के जरिए उन्हें उपयोग योग्य बनाए रखा जाए। इसके साथ ही बच्चों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पानी शुद्ध करने वाली मशीनें लगाने और इसके लिए तत्काल बजट जारी करने की मांग की गई है।

तीसरी मांग में सरकार से एक साल के भीतर ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है कि छत्तीसगढ़ का कोई भी सरकारी स्कूल साफ शौचालय और सुरक्षित पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित न रहे।

पेंड्रावन में 12 घंटे तक चला था छात्रों का प्रदर्शन

पेंड्रावन स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल में कक्षा नौवीं से 12वीं तक के करीब 400 से 500 छात्रों ने शिक्षकों की कमी और स्कूल की व्यवस्थाओं को लेकर प्रदर्शन किया था। छात्रों ने दो बार खैरागढ़-धमधा मुख्य मार्ग पर चक्काजाम किया। प्रदर्शन करीब 12 घंटे तक चला और देर रात शिक्षा मंत्री से बातचीत तथा आश्वासन मिलने के बाद समाप्त हुआ।

छात्रों की प्रमुख मांग स्कूल में पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति की थी। प्रदर्शन के बाद स्कूल में चार शिक्षकों और नए प्राचार्य की व्यवस्था की गई है।

सेलूद में शौचालय के लिए सड़क पर उतरे छात्र

इसी तरह सेलूद स्थित स्वामी आत्मानंद विद्यालय के करीब 200 छात्र-छात्राओं ने शौचालय और अन्य बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। छात्रों का आरोप था कि स्कूल में पर्याप्त संख्या में उपयोग योग्य शौचालय उपलब्ध नहीं हैं।

नाराज छात्रों ने पहले स्कूल का गेट बंद किया और बाद में दुर्ग-पाटन मार्ग पर बैठकर चक्काजाम कर दिया। अधिकारियों के मौके पर पहुंचकर व्यवस्था सुधारने का आश्वासन देने के बाद छात्रों ने अपना प्रदर्शन समाप्त किया।

'बच्चों को छोटी जरूरतों के लिए सड़क पर उतरना गंभीर सवाल'

CJP की ओर से महेंद्र भारद्वाज ने कहा कि बच्चों को अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए सड़क पर उतरना पड़े, यह शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। पेंड्रावन में शिक्षकों की कमी सामने आई तो सेलूद में शौचालय जैसी मूलभूत सुविधा को लेकर छात्रों को आंदोलन करना पड़ा।

पार्टी का कहना है कि सरकार को केवल शिकायत सामने आने के बाद संबंधित स्कूल में व्यवस्था सुधारने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों की जमीनी स्थिति की जांच कर शिक्षकों, स्वच्छ पेयजल, शौचालय और सुरक्षित वातावरण की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए।

CJP ने कहा कि विकसित भारत की परिकल्पना तभी सार्थक होगी, जब बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ स्वच्छ पानी, साफ शौचालय और सुरक्षित वातावरण भी मिले। पार्टी ने रक्षाबंधन के अवसर पर उठाई गई इन मांगों को बच्चों के सम्मान, स्वास्थ्य और शिक्षा की सुरक्षा से जुड़ा विषय बताया है।