बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में कम दाम पर किराना सामान दिलाने और अधिक मुनाफा कमाने का लालच देकर 15 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


कम कीमत पर सामान दिलाने का दिया झांसा

पुलिस के अनुसार, सरकंडा क्षेत्र के माता चौरा निवासी फणीन्द्र तिवारी (28) ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि आजाद चौक, मंगला में किराये के मकान में रहने वाले संतोष गुप्ता ने खुद को विभिन्न फैक्ट्री एजेंसियों से सीधे जुड़ा हुआ बताया।

आरोपी ने दावा किया कि वह व्यापार विहार के माध्यम से बाजार मूल्य से काफी कम कीमत पर किराना सामान उपलब्ध करा सकता है। साथ ही उसने कम लागत में सामान खरीदकर अधिक मुनाफा कमाने का भरोसा भी दिलाया।


पहले जीता भरोसा, फिर की लाखों की ठगी

शिकायत के अनुसार, शुरुआत में आरोपी ने वास्तव में कम कीमत पर कुछ किराना सामान उपलब्ध कराया। इससे पीड़ित का उस पर विश्वास बढ़ गया। भरोसा कायम होने के बाद आरोपी ने बड़ी मात्रा में सामान उपलब्ध कराने के नाम पर किस्तों में लाखों रुपये ले लिए।

पीड़ित का आरोप है कि आरोपी ने कुल 15 लाख रुपये लेने के बाद न तो तय अनुसार सामान उपलब्ध कराया और न ही रकम वापस की। बार-बार संपर्क करने पर वह टालमटोल करता रहा।


पैसे मांगने पर टालता रहा आरोपी

जब फणीन्द्र तिवारी ने अपने रुपये वापस मांगे, तो आरोपी लगातार अलग-अलग बहाने बनाता रहा। काफी समय तक न सामान मिला और न ही रकम लौटाई गई। खुद को ठगा महसूस होने पर पीड़ित ने पुलिस की शरण ली।


सिविल लाइन थाने में दर्ज हुआ मामला

पीड़ित की शिकायत के आधार पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने आरोपी संतोष गुप्ता के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है।


जांच में जुटी पुलिस

पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि लेन-देन से जुड़े दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि किसी भी व्यापारिक निवेश या सस्ते सामान के लालच में बड़ी रकम देने से पहले संबंधित व्यक्ति और उसके कारोबार की पूरी तरह जांच-पड़ताल अवश्य कर लें, ताकि इस तरह की धोखाधड़ी से बचा जा सके।