बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में इलेक्ट्रिक वाहनों की डीलरशिप दिलाने और 100 प्रतिशत कैशबैक का लालच देकर 31 लाख 80 हजार रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।


डीलरशिप के नाम पर दिया था बड़ा ऑफर

पुलिस के अनुसार, ग्राम भानपुरी निवासी मनीष कुमार साहू ने 5 मई 2026 को थाना सनौद में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि CBK EV MOTORS/CBK SERVICE CENTER, रायपुर के CEO नंदकिशोर साहू, MD लोकेश द्विवेदी और CMD पुरुषोत्तम साहू ने इलेक्ट्रिक स्कूटी, स्कूल वैन, लोडर वाहन और इलेक्ट्रॉनिक सामान की डीलरशिप लेने पर 100 प्रतिशत कैशबैक देने का भरोसा दिलाया था।


अलग-अलग किस्तों में जमा किए 31.80 लाख रुपये

आरोप है कि डीलरशिप लेने के लिए पहले 10 लाख रुपये जमा कराए गए, जिसके बाद कंपनी की ओर से प्रमाण पत्र दिया गया। इसके बाद इलेक्ट्रिक स्कूटी और इलेक्ट्रॉनिक सामान उपलब्ध कराने के नाम पर और रकम जमा करने को कहा गया।

प्रार्थी ने कंपनी द्वारा बताए गए बैंक खातों में 30 मई 2024 से अलग-अलग किस्तों में कुल 31 लाख 80 हजार रुपये जमा किए।


11 इलेक्ट्रिक वाहन दिए, फिर वापस ले गई कंपनी

शिकायत के मुताबिक, मनीष कुमार साहू ने ग्राम सनौद में डीलरशिप चलाने के लिए किराये पर दुकान भी ली। कंपनी की ओर से शुरुआत में 11 इलेक्ट्रिक वाहन दिए गए, लेकिन वाहनों की गुणवत्ता को लेकर शिकायत सामने आने के बाद कंपनी उन्हें वापस ले गई।

कंपनी ने नए वाहन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया, लेकिन बाद में वाहन नहीं दिए गए।


पैसे मांगे तो दिए तीन चेक, सभी हुए बाउंस

रकम वापस मांगने पर 6 सितंबर 2024 को धमतरी के भूपेंद्र दादर स्थित दुकान में 1 लाख 45 हजार रुपये लौटाए गए। शेष रकम के लिए कंपनी की ओर से तीन चेक दिए गए।

जब इन चेकों को बैंक में जमा किया गया तो तीनों चेक स्टॉप पेमेंट के कारण बाउंस हो गए। इसके बाद पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। थाना सनौद में अपराध क्रमांक 40/2026 के तहत धारा 420 और 34 भादवि के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।


बिलासपुर और सारंगढ़ से पकड़े गए आरोपी

बालोद पुलिस ने मामले की जांच के दौरान आरोपी लोकेश द्विवेदी को बिलासपुर और पुरुषोत्तम साहू को सारंगढ़ से गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में दोनों ने अपराध स्वीकार किया।

दोनों आरोपियों को 19 सितंबर 2026 को विधिवत गिरफ्तार कर बालोद न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।


पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई

यह कार्रवाई बालोद पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चन्द्रकांत गर्वा, एसडीओपी गुरूर माया शर्मा के मार्गदर्शन और थाना प्रभारी सनौद सोनसिंह सोरी के नेतृत्व में की गई। पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।