रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की इस महीने की पहली बैठक 8 जुलाई को आयोजित होगी। यह बैठक सुबह 11:30 बजे नया रायपुर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में होगी। सामान्य प्रशासन विभाग ने बैठक की सूचना सभी विभागों को भेज दी है और विभिन्न विभागों से प्रस्ताव भी आमंत्रित किए गए हैं।


सूत्रों के अनुसार, बैठक में 10 से अधिक महत्वपूर्ण एजेंडा पर चर्चा होने की संभावना है। इनमें प्रदेश में खाद-बीज की उपलब्धता, मानसून की वर्तमान स्थिति, किसानों से जुड़े मुद्दे, विभिन्न विभागों की योजनाओं की समीक्षा और आगामी विधानसभा के मानसून सत्र की तैयारियों को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं। बैठक में कुछ नई नीतियों और प्रशासनिक प्रस्तावों को भी मंजूरी मिलने की संभावना जताई जा रही है।

गौरतलब है कि राज्य मंत्रिपरिषद की पिछली बैठक 23 जून को हुई थी, जिसमें ग्रामीण विकास, रोजगार और हरित ऊर्जा से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई थी।


पिछली कैबिनेट बैठक (23 जून) के प्रमुख फैसले

1. ग्रामीण रोजगार के लिए 'वीबी-जी राम जी योजना छत्तीसगढ़' को मंजूरी

कैबिनेट ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका को बढ़ावा देने के उद्देश्य से "विकसित भारत – रोजगार और आजीविका के लिये गारंटी मिशन (ग्रामीण) : वीबी-जी राम जी योजना छत्तीसगढ़" के प्रारूप को मंजूरी दी।


इस योजना के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों के वयस्क सदस्यों को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के अकुशल श्रम आधारित रोजगार की वैधानिक गारंटी मिलेगी।

योजना के तहत निम्न कार्य कराए जाएंगे—


  • जल संरक्षण और जल संवर्धन
  • प्राकृतिक संसाधनों का प्रबंधन
  • ग्रामीण आधारभूत ढांचे का निर्माण
  • आजीविका आधारित परिसंपत्तियों का विकास
  • टिकाऊ रोजगार के अवसरों का सृजन


सरकार का उद्देश्य ग्राम पंचायत आधारित समेकित विकास, विभिन्न विभागों की योजनाओं के अभिसरण तथा पीएम गति शक्ति के साथ समन्वय स्थापित करना है। कार्यों की निगरानी के लिए डिजिटल तकनीक का उपयोग किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।

इस योजना में केंद्र और राज्य सरकार का व्यय अनुपात 60:40 रहेगा तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य बजट में 4,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।


2. 'अटल आजीविका समृद्धि हाट' योजना को मिली मंजूरी

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ाने के उद्देश्य से कैबिनेट ने "अटल आजीविका समृद्धि हाट" योजना शुरू करने का निर्णय लिया।

योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न प्रकार के केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जिनमें—

  • हथकरघा, बुनाई, सिलाई एवं हस्तशिल्प सृजन केंद्र
  • दलहन, तिलहन, राइस मिल और डेयरी जैसी प्रसंस्करण इकाइयां
  • कोल्ड स्टोरेज, सोलर ड्रायर, कृषि उपकरण मरम्मत एवं अटल डिजिटल सेवा केंद्र
  • विपणन और आपूर्ति केंद्र


इस योजना का उद्देश्य स्थानीय उत्पादन, प्रसंस्करण, सेवा और विपणन गतिविधियों को बढ़ावा देना है, ताकि ग्रामीणों को अपने क्षेत्र में ही रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिल सकें।

योजना के संचालन के लिए छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन को नोडल एजेंसी तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है।

3. 'छत्तीसगढ़ कम्प्रेस्ड बायोगैस (CG-CBG) नीति-2026' को मंजूरी

कैबिनेट ने "छत्तीसगढ़ कम्प्रेस्ड बायोगैस (CG-CBG) नीति-2026" के प्रारूप को भी मंजूरी दी।

इस नीति के तहत कृषि अवशेष, नगरीय ठोस कचरा, पशुधन अपशिष्ट और अन्य जैविक संसाधनों का वैज्ञानिक तरीके से उपयोग कर उन्हें कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) में परिवर्तित किया जाएगा।

सरकार का मानना है कि इस नीति से—

  • ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा
  • पर्यावरण संरक्षण होगा
  • ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में कमी आएगी
  • जैव उर्वरकों का उत्पादन बढ़ेगा
  • ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी


छत्तीसगढ़ अंजोर विजन-2047 के अनुसार राज्य में प्रतिवर्ष लगभग 5 लाख टन कम्प्रेस्ड बायोगैस उत्पादन की संभावना है।

इस नीति के क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण को राज्य की नोडल एजेंसी बनाया गया है, जबकि ऊर्जा विभाग को आवश्यक प्रशासनिक दिशा-निर्देश जारी करने का अधिकार दिया गया है।


8 जुलाई की बैठक पर रहेगी नजर

8 जुलाई को होने वाली कैबिनेट बैठक को राज्य सरकार की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मानसून के बीच कृषि तैयारियों, किसानों के लिए खाद-बीज की उपलब्धता, आगामी विधानसभा मानसून सत्र की रणनीति और विभिन्न विभागों के लंबित प्रस्तावों पर इस बैठक में अहम निर्णय लिए जा सकते हैं। सरकार की प्राथमिकता ग्रामीण विकास, कृषि और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित रहने की संभावना है।