गरियाबंद : छत्तीसगढ़ के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व (USTR) ने वन एवं वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने पिछले चार वर्षों के दौरान नक्सल प्रभावित और दुर्गम वन क्षेत्रों में व्यापक अभियान चलाकर 956 हेक्टेयर वनभूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया है। इसी दौरान 400 से अधिक शिकारी और वन्यजीव अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, अब संरक्षण अभियान केवल वन्यजीवों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे वन क्षेत्र को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से 'लैंडस्केप सिक्योरिटी मॉडल' के तहत कार्रवाई की जा रही है। इस रणनीति के तहत अतिक्रमण, अवैध शिकार, मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध हथियार, विस्फोटक, लकड़ी तस्करी और अवैध खनन जैसे संगठित अपराधों पर एक साथ कार्रवाई की जा रही है।

गांजा, हथियार और विस्फोटक भी जब्त

अभियान के दौरान वन अमले ने 129 किलोग्राम गांजा बरामद कर एनडीपीएस अधिनियम के तहत पुलिस को सौंपा। इसके अलावा अवैध हथियार, पोटाश बम, शिकार में इस्तेमाल होने वाले विस्फोटक, फंदे और अन्य सामग्री भी जब्त की गई। कई मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की गई।

आधुनिक तकनीक से अपराधियों पर नजर

वन विभाग ने बताया कि ओडिशा सीमा से लगे क्षेत्रों में सक्रिय लकड़ी तस्करी के अंतरराज्यीय नेटवर्क और नदी क्षेत्रों में अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ भी प्रभावी कार्रवाई की गई है। इसके लिए ड्रोन, सैटेलाइट इमेजरी, जीपीएस सर्वे और स्थानीय खुफिया तंत्र की मदद ली जा रही है, जिससे अपराधियों के नेटवर्क की पहचान कर सटीक कार्रवाई संभव हो रही है।

पूरे वन क्षेत्र की सुरक्षा पर फोकस

वन विभाग का कहना है कि उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व का लक्ष्य अब केवल वन्यजीव अपराधियों को पकड़ना नहीं, बल्कि वन संसाधनों के अवैध दोहन से जुड़े पूरे नेटवर्क को समाप्त कर वन क्षेत्र की समग्र सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसी उद्देश्य से आधुनिक तकनीक और खुफिया जानकारी के आधार पर लगातार अभियान संचालित किए जा रहे हैं।