रायपुर। त्योहारी सीजन से पहले छत्तीसगढ़ में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। ‘बने खाबो, बने रहिबो 2.0’ अभियान के तहत महज सात दिनों में प्रदेशभर से 376 खाद्य नमूने जांच के लिए लिए गए हैं। इस दौरान 550 किलो से अधिक एनालॉग पनीर और करीब 225 किलो अन्य खाद्य सामग्री मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त पाए जाने पर नष्ट कराई गई। नियमों के उल्लंघन पर चार खाद्य लाइसेंस और पंजीयन भी निलंबित किए गए हैं।
विभाग के मुताबिक कार्रवाई के दायरे में बिलासपुर के प्रबल फूड और श्रीराम स्वीट्स नगपुरा के साथ महासमुंद के वैध फूड, डामिनोज पिज्जा और दिवांश फूड सहित विभिन्न प्रतिष्ठान आए हैं। जांच में गड़बड़ी मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की गई।
376 नमूनों में 184 विधिक और 192 सर्विलांस सैंपल
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देशन और खाद्य एवं औषधि प्रशासन के नियंत्रक दीपक कुमार अग्रवाल के मार्गदर्शन में प्रदेशभर में अभियान चलाया जा रहा है।
सात दिनों के दौरान लिए गए 376 नमूनों में 184 विधिक और 192 सर्विलांस नमूने शामिल हैं। इनमें 288 खुले खाद्य पदार्थों और 88 पैक्ड खाद्य सामग्री के नमूने लिए गए।
पनीर और एनालॉग पनीर पर विशेष नजर
31 जुलाई 2026 के बाद पनीर और एनालॉग पनीर को लेकर लिए गए निर्णय के अनुपालन में विभाग ने विशेष निगरानी अभियान चलाया। इस दौरान पनीर और एनालॉग पनीर के 81 नमूने लिए गए। इनमें 64 विधिक और 17 सर्विलांस नमूने शामिल हैं।
निरीक्षण के दौरान नियमों का उल्लंघन मिलने पर करीब 550 किलोग्राम एनालॉग पनीर और 225 किलो अन्य खाद्य सामग्री मौके पर नष्ट कराई गई। इसके अलावा चार खाद्य अनुज्ञप्ति और पंजीयन निलंबित किए गए।
विभाग ने होटल और कैटरिंग संचालकों को प्रतिबंधित एनालॉग पनीर का इस्तेमाल नहीं करने की चेतावनी दी है। जांच में इसका उपयोग मिलने पर लाइसेंस या पंजीयन निरस्त करने समेत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
महासमुंद में फैक्ट्री सील, 300 किलो सामग्री नष्ट
अभियान के दौरान मिठाई दुकानों, होटल-ढाबों, डेयरी और खाद्य निर्माण इकाइयों का निरीक्षण किया गया। स्वच्छता की कमी, अनुचित भंडारण और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर सामग्री जब्त करने, प्रतिष्ठान सील करने, नोटिस जारी करने और लाइसेंस निलंबित करने जैसी कार्रवाई की गई।
महासमुंद में एनालॉग पनीर के संदेह में लिया गया नमूना असुरक्षित पाए जाने के बाद संबंधित फैक्ट्री को सील कर दिया गया। उसका लाइसेंस निलंबित करने के साथ करीब 300 किलो सामग्री नष्ट कराई गई।
बिलासपुर में भी निम्न गुणवत्ता और अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य पदार्थों का निर्माण व भंडारण मिलने पर विभिन्न प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की गई। वहीं राजनांदगांव, बलौदाबाजार, कोरबा और रायपुर में शिकायतों और निरीक्षण के आधार पर नमूने लिए गए हैं।
त्योहारों में मिठाई और दूध उत्पादों की होगी विशेष जांच
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ‘बने खाबो, बने रहिबो 2.0’ अभियान केवल नमूने लेने तक सीमित नहीं है। निर्माण और भंडारण से लेकर खाद्य सामग्री के उपभोक्ता तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया पर नजर रखी जा रही है।
आगामी त्योहारी सीजन में मिठाई, दूध, दुग्ध उत्पाद, पनीर और अन्य संवेदनशील खाद्य पदार्थों की विशेष निगरानी जारी रहेगी। नमूनों की प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विभाग ने कारोबारियों को केवल FSSAI से मान्यता प्राप्त रंगों का इस्तेमाल करने, खाद्य सामग्री को ढककर रखने, साफ-सफाई का ध्यान रखने और खाद्य पदार्थ रखने या परोसने के लिए अखबारी कागज का इस्तेमाल नहीं करने के निर्देश दिए हैं। प्रतिष्ठानों को अपना खाद्य लाइसेंस या पंजीयन प्रवेश स्थल पर प्रदर्शित करना भी जरूरी बताया गया है।
खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता से संबंधित शिकायत के लिए विभाग ने हेल्पलाइन नंबर 9340597097 जारी किया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि खाद्य सुरक्षा मानकों से समझौता करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।





