रायपुर। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर हिंदू धर्म और भगवान शिव को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में आरोपी अरुण पन्नालाल को अदालत से राहत नहीं मिली है। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी की ओर से दाखिल जमानत याचिका खारिज कर दी। जमानत आवेदन का भाजपा विधि प्रकोष्ठ की ओर से विरोध किया गया था।

सुनवाई के दौरान भाजपा विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक बृजेश नाथ पांडेय, जिला संयोजक नंदकुमार साहू, अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष दिनेश देवांगन, मीडिया प्रभारी गुलशन साहू और ऋषभ मिस्त्री सहित अन्य अधिवक्ताओं ने जमानत आवेदन पर आपत्ति दर्ज कराई।

कोर्ट में सोशल मीडिया पोस्ट का दिया हवाला

जमानत का विरोध कर रहे अधिवक्ताओं ने अदालत के समक्ष सोशल मीडिया पर की गई कथित टिप्पणी और मामले की गंभीरता को लेकर अपना पक्ष रखा। उनका कहना था कि धर्म और आराध्य देवी-देवताओं को लेकर की जाने वाली आपत्तिजनक टिप्पणी से लोगों की धार्मिक भावनाएं प्रभावित होने के साथ सामाजिक सौहार्द पर भी असर पड़ सकता है।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी अरुण पन्नालाल की जमानत याचिका को खारिज कर दिया।

विधि प्रकोष्ठ ने अधिवक्ताओं का जताया आभार

भाजपा विधि प्रकोष्ठ से जुड़े पदाधिकारियों ने कहा कि धार्मिक आस्था और आराध्य देवी-देवताओं को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी के मामलों में कानून के दायरे में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। प्रकोष्ठ ने जमानत आवेदन के विरोध के दौरान अदालत में मौजूद रहकर सहयोग करने वाले अधिवक्ताओं का आभार भी जताया।