अभनपुर। रायपुर जिले के अभनपुर क्षेत्र स्थित शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल तमासिवनी में गणित शिक्षक की कमी को लेकर छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। मंगलवार को विद्यार्थियों ने परिजनों के साथ स्कूल के मुख्य द्वार पर ताला लगाकर प्रदर्शन किया। छात्रों का कहना है कि लंबे समय से गणित विषय की नियमित पढ़ाई प्रभावित हो रही है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया गया।
प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों ने स्कूल में तत्काल गणित शिक्षक की व्यवस्था करने की मांग की है। स्कूल में तालाबंदी की सूचना मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और छात्रों व अन्य लोगों से बातचीत कर समाधान निकालने का प्रयास किया।
जिला पंचायत सदस्य भी धरने पर बैठे
छात्रों के प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर क्षेत्रीय जिला पंचायत सदस्य यशवंत साहू भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने विद्यार्थियों की मांग का समर्थन किया और स्कूल के सामने उनके साथ धरने पर बैठ गए।
यशवंत साहू के मुताबिक स्कूल में गणित विषय के लिए एक शिक्षक की पदस्थापना की गई थी, लेकिन संबंधित शिक्षक को रायपुर जिला पंचायत में अटैच कर दिया गया। इसके कारण स्कूल में गणित की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
स्कूल से वेतन जारी होने का दावा
जिला पंचायत सदस्य ने दावा किया कि संबंधित शिक्षक दूसरे स्थान पर अटैच होने के बावजूद उनका वेतन इसी स्कूल से जारी किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब शिक्षक की पदस्थापना स्कूल में है तो विद्यार्थियों को उनकी सेवाओं का लाभ क्यों नहीं मिल रहा है।
छात्रों और परिजनों का कहना है कि गणित जैसे महत्वपूर्ण विषय में शिक्षक नहीं होने से परीक्षा की तैयारी और नियमित पढ़ाई दोनों प्रभावित हो रही हैं।
छात्रों ने कहा- शिक्षक मिलने तक जारी रहेगा आंदोलन
प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों ने प्रशासन से तत्काल गणित शिक्षक उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि लंबे समय से समस्या बनी हुई है और अब इसका स्थायी समाधान किया जाना चाहिए।
विद्यार्थियों ने मांग पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही है।
मौके पर पहुंचा प्रशासनिक अमला
स्कूल में तालाबंदी और प्रदर्शन की जानकारी मिलने के बाद प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने विद्यार्थियों, परिजनों, स्कूल प्रबंधन और जिला पंचायत सदस्य से बातचीत कर मामले को सुलझाने की कोशिश शुरू की।
फिलहाल छात्रों की मुख्य मांग स्कूल में गणित शिक्षक की नियमित व्यवस्था करने की है। अब प्रशासन इस मामले में क्या निर्णय लेता है, इस पर विद्यार्थियों और उनके परिजनों की नजर बनी हुई है।





