धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में लगातार सामने आ रहे आत्महत्या के मामलों ने चिंता बढ़ा दी है। महज तीन दिनों के भीतर जिले में पांच लोगों की आत्महत्या से मौत हो चुकी है। तीन दिन पहले एक ही दिन तीन युवकों द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या करने की घटना के बाद अब दो और लोगों ने अलग-अलग स्थानों पर जहरीले पदार्थ का सेवन कर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। इन घटनाओं से पूरे जिले में सनसनी का माहौल है और समाज के साथ-साथ प्रशासन भी चिंतित नजर आ रहा है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पहला मामला अर्जुनी थाना क्षेत्र के ग्राम खर्तूली का है। यहां रहने वाले दानीराम साहू ने अपने घर में जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। परिजनों को जब उनकी हालत की जानकारी हुई तो तत्काल मदद की कोशिश की गई, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। बताया जा रहा है कि दानीराम साहू कृषि कार्य से जुड़े हुए थे।
वहीं दूसरा मामला कुरूद थाना क्षेत्र के ग्राम सिंधौरी खुर्द का है। यहां के निवासी पूनेंद्र यादव ने भी अपने घर में जहरीले पदार्थ का सेवन कर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।
पुलिस के अनुसार, दोनों मामलों में आत्महत्या के पीछे के कारणों का फिलहाल खुलासा नहीं हो पाया है। दोनों मामलों में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। पुलिस परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर घटनाओं के कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
गौरतलब है कि इससे पहले 30 जून को धमतरी जिले में एक ही दिन तीन अलग-अलग स्थानों पर तीन युवकों द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या करने की घटनाएं सामने आई थीं। पहली घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के मकेश्वर वार्ड की थी, जहां संजू साहू ने अज्ञात कारणों से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। दूसरी घटना अर्जुनी थाना क्षेत्र के अछोटा गांव की थी, जहां गोपाल यादव ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी थी। वहीं तीसरी घटना संबलपुर ओवरब्रिज के पास हुई थी, जहां एक युवक का शव पेड़ से फांसी के फंदे पर लटका मिला था। तीनों मामलों की जांच अभी भी जारी है।
लगातार सामने आ रही आत्महत्या की घटनाओं ने जिले में मानसिक स्वास्थ्य, पारिवारिक तनाव और सामाजिक परिस्थितियों को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस सभी मामलों की गहनता से जांच कर रही है और आत्महत्या के वास्तविक कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।





