रायपुर। छत्तीसगढ़ में आंगनबाड़ी साड़ी खरीदी विवाद के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग में बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। विभाग ने पहले जारी सभी कार्य आवंटन आदेश निरस्त करते हुए मुख्यालय की लगभग सभी महत्वपूर्ण शाखाओं में अधिकारियों और कर्मचारियों की नई जिम्मेदारियां तय कर दी हैं। इस कदम को विभागीय जवाबदेही बढ़ाने और कार्यप्रणाली को अधिक व्यवस्थित बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
सभी प्रमुख शाखाओं में नई तैनाती
नए आदेश के तहत आईसीडीएस, मिशन वात्सल्य, स्थापना, न्यायालयीन प्रकरण, प्रशिक्षण, महिला सशक्तिकरण, ईसीसीई, पोषण अभियान, पोषण आहार, निर्माण, आईटी, भंडार, लेखा, वित्त एवं बजट, समन्वय, सूचना का अधिकार (आरटीआई) और आवक-जावक शाखा सहित लगभग सभी प्रमुख अनुभागों में अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारियों का पुनर्वितरण किया गया है। साथ ही, पहले जारी सभी कार्य विभाजन आदेश स्वतः समाप्त कर दिए गए हैं।
आईसीडीएस और पोषण शाखाओं पर विशेष फोकस
विभाग ने सबसे महत्वपूर्ण बदलाव आईसीडीएस शाखा में किए हैं, क्योंकि यही शाखा आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन और उनसे जुड़ी खरीद प्रक्रियाओं की प्रमुख इकाई मानी जाती है। इसके अलावा पोषण अभियान, पोषण आहार और भंडार शाखा में भी अधिकारियों की नई तैनाती की गई है। इन शाखाओं का सीधा संबंध सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और सामग्री की आपूर्ति से जुड़ा है।
साड़ी खरीदी विवाद के बाद लिया गया फैसला
विभागीय सूत्रों के अनुसार, हाल के दिनों में आंगनबाड़ी साड़ी खरीदी को लेकर उठे विवाद के बाद विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हुए थे। इसके बाद प्रशासन ने मुख्यालय स्तर पर व्यापक बदलाव करते हुए कई अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदल दीं। जिन अधिकारियों पर खरीद प्रक्रिया को लेकर सवाल उठे थे, उन्हें खरीद संबंधी कार्यों से हटाकर अन्य शाखाओं में जिम्मेदारी दी गई है।
आंतरिक कार्य विभाजन का भी अधिकार
जारी आदेश में यह भी कहा गया है कि अपर संचालक, संयुक्त संचालक और उप संचालक अपने अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच आवश्यकता के अनुसार आंतरिक कार्य विभाजन कर सकेंगे। इससे विभाग को भविष्य में जरूरत के मुताबिक प्रशासनिक बदलाव करने की सुविधा मिलेगी।
जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ाने की कोशिश
विभाग का मानना है कि यह फेरबदल केवल नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है। नए कार्य आवंटन के बाद विभाग की विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं के संचालन में अधिक प्रभावशीलता आने की उम्मीद जताई जा रही है।





