रायपुर। सम्मानपुर-नकटी गांव से विस्थापित किए गए परिवारों के पुनर्वास को लेकर प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। सोमवार को जिन परिवारों को नवा रायपुर के सेक्टर-30 स्थित ईडब्ल्यूएस फ्लैटों में बसाया गया था, उनमें से अधिकांश महज चार दिन के भीतर गुरुवार तक अपने गांव लौट आए।
ग्रामीणों के वापस लौटने के बाद कई फ्लैट खाली पड़े मिले, जबकि गांव में लोग अस्थायी तंबू लगाकर रहने को मजबूर हैं। विस्थापित परिवारों का कहना है कि उन्हें पर्याप्त तैयारियों के बिना नए आवास में भेज दिया गया। फ्लैटों में बिजली-पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं के साथ रोजगार और बच्चों की पढ़ाई की समुचित व्यवस्था नहीं होने से उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी समस्याओं का समाधान किए बिना उन्हें वहां रहने के लिए मजबूर किया गया। अब वे समुचित पुनर्वास, आवश्यक सुविधाएं और आजीविका की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।
इधर, अपनी मांगों को लेकर विस्थापित परिवारों ने शुक्रवार को बड़े प्रदर्शन की तैयारी की है। उनका कहना है कि जब तक पुनर्वास की पूरी व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक वे अपने अधिकारों के लिए आंदोलन जारी रखेंगे।





