महासमुंद। जिले के बरोंडा बाजार स्थित बाल संप्रेक्षण गृह से सोमवार तड़के सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक सामने आई। यहां निरुद्ध आठ नाबालिग खिड़की की ग्रील तोड़कर फरार हो गए। घटना रात करीब 2 से 3 बजे के बीच की बताई जा रही है। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा तथा फरार नाबालिगों की तलाश के लिए व्यापक सर्च अभियान शुरू कर दिया गया।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सभी नाबालिग पिछले चार से पांच महीनों के दौरान अलग-अलग आपराधिक मामलों में बाल संप्रेक्षण गृह भेजे गए थे। इनमें एक नाबालिग दुष्कर्म, दो चोरी तथा अन्य एनडीपीएस एक्ट सहित विभिन्न मामलों में निरुद्ध थे। इनका संबंध महासमुंद, सरायपाली, धमतरी और पड़ोसी राज्य ओडिशा के विभिन्न थाना क्षेत्रों से बताया जा रहा है।

घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने संप्रेक्षण गृह का निरीक्षण किया और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है। वहीं पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश देकर फरार नाबालिगों की तलाश में जुटी हैं।

बताया जा रहा है कि करीब दो वर्ष पहले भी इसी बाल संप्रेक्षण गृह से नाबालिगों के फरार होने की घटना सामने आई थी। दोबारा हुई इस घटना ने संस्थान की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि सुरक्षा में चूक कैसे हुई तथा नाबालिगों के फरार होने में किसी की लापरवाही या मिलीभगत तो नहीं रही।