बलौदाबाजार। जिले में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पर्यावरण संरक्षण और हरित आवरण बढ़ाने का संदेश दिया गया। वनमंडलाधिकारी बलौदाबाजार धम्मशील गणवीर के निर्देश पर वन परिक्षेत्र बल्दाकछार में गुरुवार को परिक्षेत्र स्तरीय वन महोत्सव का आयोजन किया गया। इस दौरान जनप्रतिनिधियों, विद्यार्थियों, ग्रामीणों और वन प्रबंधन समितियों के सदस्यों ने पौधारोपण कर उनके संरक्षण का संकल्प लिया।

पौधा लगाना ही नहीं, उसका संरक्षण भी जरूरी

वनमंडलाधिकारी धम्मशील गणवीर ने कहा कि ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता विकसित करने का जनअभियान है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने के साथ ही उन्हें वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखने की अपील की।

उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्य को हासिल करने के लिए जनप्रतिनिधियों, वन प्रबंधन समितियों, विद्यार्थियों और स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी बेहद जरूरी है।

पर्यावरण संरक्षण में जनभागीदारी पर जोर

वन महोत्सव के दौरान लोगों को पर्यावरण संरक्षण, हरित आवरण में वृद्धि, जलवायु संतुलन और प्रकृति संरक्षण में जनभागीदारी के महत्व की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों और ग्रामीणों को बताया गया कि पौधारोपण के बाद उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

वन विभाग की ओर से वन महोत्सव के माध्यम से समाज के हर वर्ग को प्रकृति संरक्षण के अभियान से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

अर्जुनी के गौठान में लगाए गए पौधे

कार्यक्रम के तहत ग्राम अर्जुनी (ब) स्थित गौठान में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत विभिन्न स्थानीय और उपयोगी प्रजातियों के पौधे लगाए गए। उपस्थित लोगों ने पौधों के संरक्षण और संवर्धन की जिम्मेदारी निभाने के साथ पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में प्रभारी वन परिक्षेत्र अधिकारी बलौदाबाजार सुश्री एकता कर सहित वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। इसके अलावा बल्दाकछार वन परिक्षेत्र के जनपद सदस्य, सरपंच, वन प्रबंधन समितियों के अध्यक्ष एवं सदस्य, स्थानीय जनप्रतिनिधि, बड़ी संख्या में स्कूली विद्यार्थी और ग्रामीण भी उत्साहपूर्वक शामिल हुए।