रायपुर। भगवान शिव को लेकर सोशल मीडिया पर कथित अभद्र टिप्पणी के मामले में गिरफ्तार छत्तीसगढ़ क्रिश्चियन फोरम के अध्यक्ष अरुण पन्नालाल को अदालत से राहत नहीं मिली है। कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज करते हुए उन्हें 21 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
सिविल लाइन थाने में दर्ज हुई थी FIR
मामले को लेकर भाजपा पदाधिकारियों ने अरुण पन्नालाल और हंसराज गोयल के खिलाफ रायपुर के सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की। इसके बाद अरुण पन्नालाल को गिरफ्तार किया गया।
कोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने अरुण पन्नालाल को सीजीएम आनंद सिंह की अदालत में पेश किया। सुनवाई के दौरान उनकी ओर से जमानत की मांग की गई, लेकिन अदालत ने याचिका खारिज कर दी। इसके बाद उन्हें 21 अगस्त तक जेल भेजने का आदेश दिया गया।
धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप
डीसीपी सेंट्रल तारकेश्वर पटेल के मुताबिक, धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली कथित सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर सिविल लाइन थाने में शिकायत प्राप्त हुई थी। प्रकरण को विवेचना में लेकर पुलिस ने साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की।
जांच के दौरान अरुण पन्नालाल को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस मामले में सोशल मीडिया पोस्ट और उससे जुड़े अन्य डिजिटल तथ्यों की भी जांच कर रही है।
साइबर सेल की भी ली जा रही मदद
मामले की जांच में साइबर सेल की सहायता भी ली जा रही है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों को एकत्र कर उनकी जांच कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
हंसराज गोयल के खिलाफ भी FIR
मामले में हंसराज गोयल के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस कथित सोशल मीडिया पोस्ट से संबंधित उनकी आईडी और अन्य डिजिटल जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों के अनुसार, जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।





