रायपुर। छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक और बड़े संस्थान के आने का रास्ता साफ हो गया है। देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में शामिल नरसी मोंजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (NMIMS) नवा रायपुर अटल नगर में अपना कैंपस स्थापित करेगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मौजूदगी में संस्थान के लिए लीज अनुबंध और भूमि रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए बड़े महानगरों का रुख न करना पड़े, इसके लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। NMIMS की स्थापना से विद्यार्थियों को अपने ही राज्य में राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा और कौशल विकास के अवसर मिलेंगे।
इस दौरान उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, आवास एवं पर्यावरण सचिव अंकित आनंद और नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी चंदन कुमार मौजूद रहे।
सेक्टर-18 में 40 एकड़ में बनेगा आधुनिक कैंपस
NMIMS का नया कैंपस नवा रायपुर के सेक्टर-18 में करीब 40 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा। संस्थान का संचालन करने वाले श्री विले पार्ले केलवणी मंडल (SVKM) को यह जमीन 90 वर्षों की लीज पर दी गई है।
राज्य मंत्रिपरिषद ने 21 जनवरी 2026 को संस्थान के लिए भूमि आवंटन के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इसके बाद प्रशासनिक प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाते हुए लीज अनुबंध और भूमि रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी की गई।
दो से तीन साल में पहला शैक्षणिक बैच शुरू करने का लक्ष्य
संस्थान के पूरे कैंपस को विकसित करने की प्रक्रिया अगले सात वर्षों में पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, विद्यार्थियों की पढ़ाई इससे पहले शुरू हो सकती है। सरकार के मुताबिक दो से तीन वर्षों के भीतर पहला शैक्षणिक बैच शुरू करने का लक्ष्य है।
कैंपस पूरी तरह विकसित होने के बाद यहां करीब 10 हजार विद्यार्थी अध्ययन कर सकेंगे।
प्रदेश में ही मिलेगी राष्ट्रीय स्तर की उच्च शिक्षा
NMIMS की स्थापना से छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों के लिए प्रबंधन, कौशल विकास और आधुनिक रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों में अध्ययन के नए अवसर खुलने की उम्मीद है। इससे उच्च शिक्षा के लिए मुंबई, दिल्ली और अन्य बड़े शहरों की ओर जाने वाले विद्यार्थियों को प्रदेश में ही एक नया विकल्प मिलेगा।
वहीं देश के दूसरे राज्यों से भी विद्यार्थियों के नवा रायपुर आने की संभावना है, जिससे शहर के शैक्षणिक और सांस्कृतिक वातावरण को विस्तार मिलेगा।
रोजगार, कौशल और स्टार्टअप को भी मिलेगा बढ़ावा
NMIMS कैंपस को केवल उच्च शिक्षा तक सीमित नहीं माना जा रहा है। इसके माध्यम से कौशल विकास, रोजगार, शोध, नवाचार और उद्यमिता को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
विद्यार्थियों, शिक्षकों, शोधकर्ताओं और उद्योगों के बीच बेहतर समन्वय से उद्योगों की जरूरत के अनुरूप कुशल मानव संसाधन तैयार करने में मदद मिलेगी। विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण और उद्यमिता से जुड़ने के अवसर भी मिल सकेंगे।
एजुकेशन हब के रूप में मजबूत होगी नवा रायपुर की पहचान
राज्य सरकार नवा रायपुर अटल नगर को आधुनिक शहर के साथ एजुकेशन और नॉलेज हब के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। NMIMS जैसे राष्ट्रीय स्तर के संस्थान की मौजूदगी से इस योजना को और गति मिलने की उम्मीद है।
सरकार का मानना है कि कैंपस शुरू होने से शिक्षा से जुड़ी सेवाओं, रोजगार और अन्य आर्थिक गतिविधियों में भी वृद्धि होगी। इससे आने वाले वर्षों में नवा रायपुर की पहचान देश के प्रमुख उभरते शिक्षा केंद्रों में और मजबूत हो सकती है।





