रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने विधानसभा और नगरीय निकाय चुनाव के दौरान पार्टी से निष्कासित किए गए नेताओं की वापसी की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रदेश कांग्रेस की अनुशासन समिति ने पुराने अनुशासनात्मक मामलों की समीक्षा करते हुए पहली सूची में 20 नेताओं का निष्कासन समाप्त करने का निर्णय लिया है। इनमें आनंद कुकरेजा और शशांक डोंगरे समेत कई नाम शामिल हैं।

हालांकि, अमित जोगी, रेणु जोगी और बृहस्पति सिंह समेत कुछ प्रमुख नेताओं के मामलों पर अभी अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। इन प्रकरणों को फिलहाल विचाराधीन रखा गया है।


चुनाव के दौरान पार्टी से बगावत पर हुई थी कार्रवाई

विधानसभा और नगरीय निकाय चुनाव के समय कई नेताओं पर पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ चुनाव लड़ने, संगठन विरोधी गतिविधियों में शामिल होने या पार्टी के निर्देशों की अनदेखी करने के आरोप लगे थे। इसके बाद कांग्रेस ने कई नेताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया था।

अब प्रदेश कांग्रेस ने इन पुराने मामलों की दोबारा समीक्षा शुरू की है।


राजीव भवन में 36 मामलों पर हुई चर्चा

प्रदेश कांग्रेस की अनुशासन समिति की बैठक रायपुर स्थित राजीव भवन में हुई। बैठक में कुल 36 नेताओं के आवेदन और पुराने अनुशासनात्मक मामलों पर विचार किया गया। समिति ने प्रत्येक मामले की परिस्थितियों और संबंधित नेताओं की ओर से दिए गए आवेदन का अलग-अलग परीक्षण किया।

समीक्षा के बाद 20 नेताओं के निष्कासन को समाप्त करने पर सहमति बनी, जबकि बाकी मामलों को आगे विचार के लिए लंबित रखा गया है।


आनंद कुकरेजा की वापसी पर खास नजर

पहली सूची में आनंद कुकरेजा का नाम प्रमुख रूप से शामिल है। विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ा था, जिसके बाद कांग्रेस ने उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की थी।

अब निष्कासन समाप्त होने के बाद उनके लिए कांग्रेस संगठन में दोबारा सक्रिय होने का रास्ता साफ हो गया है।


अमित जोगी, रेणु जोगी और बृहस्पति सिंह पर फैसला नहीं

अनुशासन समिति की बैठक में अमित जोगी, रेणु जोगी और बृहस्पति सिंह से जुड़े मामलों पर भी चर्चा हुई, लेकिन इन पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया। खास तौर पर अमित जोगी का मामला अभी विचाराधीन बताया गया है।

इन लंबित मामलों में संबंधित जिला कांग्रेस कमेटियों से राय या अभिमत भी लिया जा सकता है। इसके बाद अनुशासन समिति दोबारा इन प्रकरणों पर विचार कर सकती है।


संगठन विरोधी गतिविधियों पर सख्ती जारी रखने के संकेत

कांग्रेस की ओर से संकेत दिए गए हैं कि संगठन विरोधी गतिविधियों और सार्वजनिक मंचों से पार्टी के खिलाफ बयानबाजी जैसे मामलों को गंभीरता से लिया जाएगा।

फिलहाल पहली सूची में 20 नेताओं की वापसी का रास्ता साफ हो गया है। अब नजर उन लंबित मामलों पर है, जिन पर अनुशासन समिति आने वाले समय में अगला फैसला ले सकती है।