रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने आगामी चुनावों से पहले संगठन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। पार्टी विरोधी गतिविधियों और बागी तेवर के कारण निष्कासित किए गए कई नेताओं की घर वापसी शुरू हो गई है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने अनुशासन समिति की सिफारिश के बाद कुल 20 नेताओं और कार्यकर्ताओं का निष्कासन तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है।


18 सितंबर की बैठक के बाद लिया गया फैसला

प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, 18 सितंबर 2026 को छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति की अहम बैठक हुई थी। बैठक में पार्टी से निष्कासित नेताओं के मामलों की समीक्षा की गई और कई नेताओं की वापसी पर सहमति बनी।

इसके बाद 20 सितंबर 2026 को आदेश क्रमांक 438 जारी किया गया। यह आदेश संगठन एवं प्रशासन के प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू के हस्ताक्षर से जारी हुआ है।


रायपुर के तीन नेताओं को मिली राहत

जारी सूची में रायपुर जिले से आनंद कुकरेजा, पूनम पाण्डेय और विशाल रजानी का निष्कासन रद्द किया गया है।

इन नेताओं की वापसी के साथ कांग्रेस ने साफ संकेत दिया है कि पार्टी संगठन से बाहर किए गए कुछ पुराने नेताओं को फिर से सक्रिय भूमिका में लाने की प्रक्रिया शुरू कर चुकी है।


मुंगेली और गरियाबंद के नेताओं की भी वापसी

मुंगेली से पार्षद विनय चोपड़ा को पार्टी में वापस लिया गया है।

वहीं गरियाबंद जिले से गोरेलाल सिन्हा, राघोवा महाड़िक, भविष्य प्रधान, ऋतिक सिन्हा, भानुप्रताप साहू और सुशील सोनी का निष्कासन समाप्त किया गया है।


कोंडागांव और राजनांदगांव से भी कई नाम शामिल

कोंडागांव जिले से सगीर खान की कांग्रेस में वापसी हुई है।

राजनांदगांव से सिद्धार्थ डोंगरे, राजेश गुप्ता, जितेश सिमनकर, सकूर चौहान, सुनीता सिन्हा, आशीष सोनकर, शशांक डोंगरे, श्याममती सिन्हा और अंजू बंजारे का निष्कासन भी रद्द किया गया है।


कुल 20 नेताओं का निष्कासन खत्म

प्रदेश कांग्रेस की पहली सूची में रायपुर, मुंगेली, गरियाबंद, कोंडागांव और राजनांदगांव के कुल 20 नेताओं और कार्यकर्ताओं को राहत मिली है।

पार्टी ने उनका निष्कासन तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया है, जिससे अब वे दोबारा संगठनात्मक गतिविधियों में शामिल हो सकेंगे।


कई बड़े नाम अभी भी सूची से बाहर

इस पहली सूची में कुछ ऐसे बड़े नेताओं के नाम शामिल नहीं हैं, जिन्होंने कांग्रेस में वापसी के लिए आवेदन दिया था।

ऐसे में यह संभावना बनी हुई है कि पार्टी आने वाले दिनों में अन्य मामलों पर भी फैसला ले सकती है। फिलहाल अनुशासन समिति की मंजूरी के बाद पहली सूची जारी कर दी गई है।


चुनाव से पहले संगठन को एकजुट करने की कवायद

कांग्रेस का यह फैसला ऐसे समय आया है जब पार्टी आगामी चुनावों को लेकर संगठनात्मक तैयारियां तेज कर रही है। निष्कासित नेताओं की वापसी को पार्टी के भीतर पुराने मतभेद कम करने और कार्यकर्ताओं को फिर से सक्रिय करने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है।

हालांकि, पार्टी की आगे की रणनीति और अन्य नेताओं की संभावित वापसी पर अंतिम स्थिति अगले आदेशों से स्पष्ट होगी।