रायपुर। इंदौर में कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री को लेकर जारी राजनीतिक विवाद पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रतिक्रिया दी है। मुख्यमंत्री ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के कार्यक्रम में मौजूद रहने को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि इतने बड़े संवैधानिक पद पर बैठे नेता को इस तरह का आचरण शोभा नहीं देता।

सीएम साय ने कहा कि राहुल गांधी देश के नेता प्रतिपक्ष हैं और उनके पद की अपनी गरिमा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अपने आचरण और व्यवहार के कारण पूरे देश के सामने उजागर हो रहे हैं। उन्होंने इसे राहुल गांधी के लिए उचित नहीं बताया।


इंदौर के कार्यक्रम को लेकर बढ़ा विवाद

मध्य प्रदेश के इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में राहुल गांधी की मौजूदगी के दौरान स्टैंड-अप कॉमेडियन की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री की गई थी। कार्यक्रम के एक हिस्से को लेकर भाजपा नेताओं ने आपत्ति जताई और आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री और उनकी दिवंगत मां से जुड़े प्रसंग का अनुचित इस्तेमाल किया गया। कांग्रेस से जुड़े पक्ष ने इसे राजनीतिक व्यंग्य और मिमिक्री के रूप में पेश किया है।


मां को लेकर सीएम साय ने साझा की कविता

इसी विवाद के बीच मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया पर मां के सम्मान को लेकर एक भावुक संदेश साझा किया। उन्होंने मां को ममता, करुणा और जीवन का आधार बताते हुए कविता की पंक्तियों के साथ एक वीडियो पोस्ट किया।

मुख्यमंत्री की पोस्ट में किसी राजनीतिक नेता या दल का सीधे नाम नहीं लिया गया था, लेकिन इसके बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में इंदौर प्रकरण पर राहुल गांधी की भूमिका को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी।


‘इतने बड़े नेता को ऐसा व्यवहार शोभा नहीं देता’

मीडिया के सवाल पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राहुल गांधी विपक्ष के नेता हैं और इतने बड़े नेता को इस तरह का व्यवहार शोभा नहीं देता। उन्होंने यह भी कहा कि सार्वजनिक जीवन में पद की गरिमा और व्यवहार दोनों महत्वपूर्ण होते हैं। यह मुख्यमंत्री की राजनीतिक प्रतिक्रिया थी; कांग्रेस ने इंदौर कार्यक्रम को लेकर भाजपा की व्याख्या से असहमति जताई है।


भाजपा-कांग्रेस के बीच बयानबाजी तेज

इंदौर कार्यक्रम के बाद इस मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। भाजपा नेता इसे प्रधानमंत्री और उनकी मां से जुड़े प्रसंग के सम्मान का मुद्दा बता रहे हैं, जबकि कांग्रेस पक्ष इसे राजनीतिक व्यंग्य के रूप में देख रहा है।

मुख्यमंत्री साय के ताजा बयान के बाद छत्तीसगढ़ में भी यह विवाद राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।