रायपुर। छत्तीसगढ़ में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) के तहत सूचीबद्ध निजी अस्पतालों पर निगरानी लगातार कड़ी की जा रही है। इसी क्रम में रायपुर के मित्तल कैंसर अस्पताल के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे योजना से निलंबित (सस्पेंड) कर दिया है। अस्पताल पर योजना के संचालन से जुड़े दिशा-निर्देशों का पालन नहीं करने और आवश्यक दस्तावेजों एवं जानकारी में अनियमितता पाए जाने के आरोप हैं।

स्वास्थ्य विभाग की राज्य नोडल एजेंसी के अनुसार, राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) द्वारा सभी सूचीबद्ध अस्पतालों को HEM 2.0 (हॉस्पिटल एम्पैनलमेंट मॉड्यूल) के तहत अपनी प्रोफाइल अपडेट करने, जरूरी दस्तावेज अपलोड करने और पोर्टल पर मांगी गई जानकारी समय-सीमा के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद कई अस्पतालों ने निर्धारित प्रक्रिया पूरी नहीं की।


अस्पताल पर क्यों हुई कार्रवाई?

विभागीय जांच में सामने आया कि संबंधित अस्पताल ने समय पर आवश्यक दस्तावेज और जानकारी उपलब्ध नहीं कराई। कई बार नोटिस और रिमाइंडर भेजने के बावजूद नियमों का पालन नहीं किया गया। इसके बाद राज्य नोडल एजेंसी ने अस्पताल को आयुष्मान भारत योजना के पैनल से निलंबित करने का निर्णय लिया।


मरीजों पर क्या पड़ेगा असर?

निलंबन के बाद अस्पताल में आयुष्मान भारत योजना के तहत नए मरीजों का इलाज और कैशलेस सुविधा फिलहाल बंद रहेगी। हालांकि निजी तौर पर इलाज कराने वाले मरीजों की सेवाएं अस्पताल की आंतरिक व्यवस्था के अनुसार जारी रह सकती हैं। योजना का लाभ लेने वाले मरीजों को फिलहाल अन्य सूचीबद्ध अस्पतालों का रुख करना होगा।


कई अस्पतालों पर एक साथ कार्रवाई

स्वास्थ्य विभाग ने केवल मित्तल कैंसर अस्पताल ही नहीं, बल्कि प्रदेश के कई अन्य निजी अस्पतालों पर भी कार्रवाई की है। कुछ अस्पतालों को सीधे निलंबित किया गया है, जबकि कई अस्पतालों के भुगतान (Payment) और प्री-ऑथराइजेशन पर रोक लगाई गई है। विभाग का कहना है कि यह कदम योजना में पारदर्शिता, जवाबदेही और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।


स्वास्थ्य विभाग की चेतावनी

राज्य नोडल एजेंसी ने सभी सूचीबद्ध अस्पतालों को निर्देश दिए हैं कि वे HEM 2.0 के तहत लंबित दस्तावेज, प्रोफाइल अपडेट और अन्य औपचारिकताएं जल्द पूरी करें। ऐसा नहीं करने वाले अस्पतालों पर भविष्य में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई की जाएगी।