बलौदा बाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले में नाबालिग बालिका के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में पॉक्सो न्यायालय ने आरोपी को कड़ी सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो) भाटापारा सतीश कुमार जायसवाल की अदालत ने आरोपी को 20 वर्ष के कठोर कारावास के साथ अर्थदंड से दंडित किया है। मामले की विवेचना निरीक्षक हेमंत पटेल ने की, जबकि शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक संजय बाजपेयी ने प्रभावी पैरवी की।

नाबालिग के लापता होने पर दर्ज हुआ मामला

पुलिस के अनुसार, 29 मार्च 2024 को थाना हथबंद क्षेत्र के एक गांव से 15 वर्षीय किशोरी लापता हो गई थी। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 363 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने 2 अप्रैल 2024 को किशोरी को सुरक्षित बरामद कर लिया।

बहला-फुसलाकर ले गया, फिर किया दुष्कर्म

पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आरोपी सुरेंद्र जांगड़े उर्फ रेन्चो उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता के बयान और जांच में मिले तथ्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 366, 376(2)(एन), 376(3) भारतीय दंड संहिता तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 5(एल)/6 के तहत आरोप जोड़े।

गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर दोषी ठहराया गया

जांच पूरी होने के बाद आरोपी के खिलाफ 6 जून 2024 को न्यायालय में चालान पेश किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने साक्ष्य और गवाहों के आधार पर आरोपी के खिलाफ मजबूत पक्ष रखा। अदालत ने सभी तथ्यों का परीक्षण करने के बाद आरोपी को दोषी करार दिया।

अदालत ने सुनाई यह सजा

3 अगस्त 2026 को सुनाए गए फैसले में अदालत ने आरोपी को निम्नानुसार दंडित किया—

  • पॉक्सो अधिनियम की धारा 5(एल)/6 के तहत 20 वर्ष का कठोर कारावास तथा 500 रुपये अर्थदंड। जुर्माना अदा नहीं करने पर 50 दिन का अतिरिक्त कारावास
  • भारतीय दंड संहिता की धारा 366 के तहत 5 वर्ष का कठोर कारावास और 100 रुपये अर्थदंड। जुर्माना न भरने पर 10 दिन का अतिरिक्त कारावास
  • भारतीय दंड संहिता की धारा 363 के तहत 3 वर्ष का कठोर कारावास और 100 रुपये अर्थदंड। जुर्माना अदा नहीं करने पर 10 दिन का अतिरिक्त कारावास