बालोद, 14 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में करोड़ों रुपये के चर्चित जमीन फर्जीवाड़े मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। देवरी थाना क्षेत्र के मुजगहन गांव में हुए भूमि घोटाले में पुलिस ने एक रिटायर्ड पटवारी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि इस पूरे फर्जीवाड़े का मुख्य आरोपी पोषण साहू अभी भी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।


पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि रिटायर्ड पटवारी ने कथित तौर पर पोषण साहू के साथ मिलकर बिना किसी सक्षम न्यायालय के आदेश के राजस्व अभिलेखों में हेरफेर की। आरोप है कि जमीन के दस्तावेजों से वास्तविक मालिक का नाम हटाकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए और उसी के आधार पर विवादित भूमि का सौदा कर दिया गया।

मामले का खुलासा तब हुआ, जब पीड़ित पक्ष ने देवरी थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद पुलिस ने राजस्व रिकॉर्ड और संबंधित दस्तावेजों की बारीकी से जांच की, जिसमें दस्तावेजों में फर्जीवाड़े और रिकॉर्ड से छेड़छाड़ की पुष्टि हुई।


पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने रिटायर्ड पटवारी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। वहीं, मुख्य आरोपी पोषण साहू घटना के बाद से फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।


पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस जमीन घोटाले में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


इस मामले ने राजस्व अभिलेखों की सुरक्षा, पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद इस फर्जीवाड़े से जुड़े कई अन्य महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है।