कवर्धा/पंडातराई। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के पंडातराई में स्मार्ट मीटर और बढ़े हुए बिजली बिलों को लेकर लोगों का गुस्सा सड़क पर फूट पड़ा। सैकड़ों उपभोक्ताओं ने अपने घरों से स्मार्ट मीटर निकालकर नगर में रैली निकाली और बिजली वितरण कंपनी के उपकेंद्र पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने 200 से अधिक स्मार्ट मीटर कार्यालय परिसर और भवन की छत पर फेंक दिए। स्थिति को देखते हुए मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया। हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और किसी प्रकार की हिंसा या तोड़फोड़ की घटना नहीं हुई।


बिजली बिल बढ़ने से लोगों में नाराजगी

प्रदर्शन में शामिल उपभोक्ताओं का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगने से पहले उनके घरों का मासिक बिजली बिल 600 से 700 रुपये के बीच आता था, लेकिन नए मीटर लगने के बाद वही बिल बढ़कर 2,500 से 3,000 रुपये तक पहुंच गया। उनका कहना है कि न तो बिजली की खपत बढ़ी है और न ही घरों में कोई नया विद्युत उपकरण लगाया गया है, फिर भी बिल कई गुना बढ़कर आ रहे हैं।

लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार बिजली विभाग में शिकायत दर्ज कराई, आवेदन दिए और जांच की मांग की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। इसके बाद मजबूर होकर सामूहिक विरोध प्रदर्शन का रास्ता अपनाना पड़ा।


स्मार्ट मीटर पर भरोसे का संकट

स्मार्ट मीटर को लेकर विवाद अब केवल तकनीकी मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह उपभोक्ताओं के भरोसे का सवाल बनता जा रहा है।

बिजली वितरण कंपनी का कहना है कि स्मार्ट मीटर अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित हैं और स्टैंडबाय मोड में चलने वाले उपकरणों, मोबाइल चार्जर, सेट-टॉप बॉक्स तथा अन्य सूक्ष्म बिजली खपत को भी रिकॉर्ड करते हैं। विभाग का यह भी दावा है कि पुराने मीटर लंबे समय तक उपयोग के कारण धीमी रीडिंग देने लगते हैं, जबकि स्मार्ट मीटर वास्तविक बिजली खपत दर्ज करते हैं।

दूसरी ओर उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि स्मार्ट मीटर पूरी तरह सही हैं, तो विभाग को सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट करना चाहिए कि बिना खपत बढ़े बिजली बिलों में इतनी बड़ी बढ़ोतरी क्यों हो रही है।


कांग्रेस ने दिया आंदोलन को समर्थन

प्रदर्शन को ब्लॉक कांग्रेस कमेटी पंडरिया का भी समर्थन मिला। कांग्रेस नेताओं ने राज्यपाल के नाम छह सूत्रीय ज्ञापन सौंपते हुए बढ़े हुए बिजली बिलों की जांच, स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया की समीक्षा, बिजली दरों में राहत, जर्जर विद्युत व्यवस्था में सुधार और अघोषित बिजली कटौती पर रोक लगाने की मांग की।


बिजली विभाग का पक्ष

पंडरिया संभाग के कार्यपालन अभियंता के.के. झा ने बताया कि जिले में अब तक 1,06,303 स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं और सभी मीटर निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी उपभोक्ता को अपने मीटर की रीडिंग पर संदेह है तो वह विभाग से चेक मीटर लगवाकर जांच करा सकता है।


हालांकि पंडातराई में हुआ यह प्रदर्शन साफ संकेत देता है कि स्मार्ट मीटर और बढ़ते बिजली बिलों को लेकर लोगों की नाराजगी अभी कम नहीं हुई है। यदि उपभोक्ताओं की शिकायतों का समय पर समाधान नहीं हुआ तो यह मुद्दा प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी बड़ा आंदोलन बन सकता है।