नई दिल्ली। प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार आज, सोमवार को लोकसभा में पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) अमेंडमेंट बिल, 2026 पेश करेगी। यह विधेयक केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह सदन में प्रस्तुत करेंगे।

संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने सभी सांसदों से इस महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा में भाग लेने की अपील की है। सरकार का कहना है कि यह कानून परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने की दिशा में अहम कदम साबित होगा।


पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान

सरकार के अनुसार, संशोधन विधेयक का उद्देश्य पेपर लीक, नकल और संगठित परीक्षा घोटालों पर प्रभावी रोक लगाना है। इससे पहले केंद्रीय मंत्रिमंडल इस संबंध में प्रस्तावित संशोधनों को मंजूरी दे चुका है। सरकार की कोशिश है कि विधेयक को जल्द से जल्द संसद से पारित कराया जाए।


प्रधानमंत्री ने दिया था संकेत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में जारी अपने संदेश में कहा था कि सरकार छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़े कानून लाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि परीक्षा में धांधली करने वालों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


विपक्ष भी बनाएगा रणनीति

विधेयक पेश होने से पहले विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी की है। राज्यसभा और लोकसभा के विपक्षी दलों के नेताओं की सोमवार सुबह बैठक प्रस्तावित है, जिसमें संसद के भीतर आगे की रणनीति तय की जाएगी।


फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी सुनवाई

प्रस्तावित संशोधन के तहत परीक्षा से जुड़े गंभीर मामलों की सुनवाई स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट में प्राथमिकता के आधार पर की जाएगी। प्रावधान है कि ऐसे मामलों की सुनवाई नियमित रूप से हो और चार्जशीट दाखिल होने के तीन महीने के भीतर ट्रायल पूरा करने का प्रयास किया जाए।

सरकार का मानना है कि इस कानून के लागू होने से प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।