नई दिल्ली। NEET पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में चल रहा छात्र आंदोलन शनिवार को अहम मोड़ पर पहुंच गया है। केंद्र सरकार और आंदोलन का नेतृत्व कर रहे प्रतिनिधियों के बीच आज एक और दौर की बातचीत होगी। इस बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, परीक्षा प्रणाली में सुधार और छात्रों की अन्य मांगों पर चर्चा की जाएगी। हालांकि अब तक हुई कई दौर की वार्ताओं के बावजूद कोई सहमति नहीं बन सकी है और मामला फिलहाल धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अटका हुआ है।

आंदोलनकारी संगठनों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा। वहीं केंद्र सरकार ने बातचीत के जरिए समाधान निकालने की इच्छा जताई है, लेकिन इस्तीफे के मुद्दे पर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।

इधर, आंदोलन को देखते हुए राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। एहतियात के तौर पर दिल्ली मेट्रो के 18 स्टेशनों को अस्थायी रूप से बंद रखा गया है, जबकि जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। कई स्थानों पर बैरिकेडिंग कर यातायात भी सीमित किया गया है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।

प्रदर्शनकारी छात्रों की प्रमुख मांगों में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, NEET पेपर लीक की निष्पक्ष जांच, परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और प्रभावित छात्रों को न्याय दिलाना शामिल है। सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं, लेकिन आंदोलनकारी इन आश्वासनों से संतुष्ट नहीं हैं।

अब पूरे देश की नजर आज होने वाली बैठक पर टिकी है। यदि बातचीत सफल रहती है तो आंदोलन शांत होने की उम्मीद है, लेकिन सहमति नहीं बनने की स्थिति में प्रदर्शन और अधिक तेज होने की संभावना जताई जा रही है।