रायपुर। देश के बहुचर्चित महादेव ऑनलाइन बेटिंग एप और स्काई एक्सचेंज से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कारोबारी विकास गर्ग को दिल्ली स्थित उसके आवास से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है, जब कुछ दिन पहले ही ईडी ने विकास गर्ग और उससे जुड़ी कंपनियों की 940.77 करोड़ रुपये की संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क (प्रोविजनल अटैचमेंट) की थीं।
ईडी अब विकास गर्ग को दिल्ली की विशेष अदालत में पेश कर ट्रांजिट रिमांड पर रायपुर लाएगी। इसके बाद एजेंसी पूछताछ के लिए अदालत से रिमांड की मांग करेगी, ताकि कथित मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क और वित्तीय लेन-देन की विस्तृत जांच की जा सके।
₹940.77 करोड़ की संपत्तियां पहले ही हो चुकी हैं कुर्की
गिरफ्तारी से पहले ईडी ने विकास गर्ग, उसके परिवार के सदस्यों और उसके स्वामित्व एवं नियंत्रण वाली कंपनियों की 940.77 करोड़ रुपये मूल्य की चल एवं अचल संपत्तियों को कुर्क किया था।
ईडी के अनुसार, कुर्क की गई संपत्तियों में शामिल हैं—
- दिल्ली स्थित आलीशान आवास
- गोवा और नैनीताल में स्थित अचल संपत्तियां
- विभिन्न बैंक खातों में जमा धनराशि
- एबिक्स (Ebix) कंपनी में 75 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी
जांच एजेंसी का दावा है कि इन संपत्तियों का अधिग्रहण और निवेश महादेव ऑनलाइन बेटिंग एप से अर्जित कथित अवैध धन से किया गया।
मनी लॉन्ड्रिंग के नेटवर्क की होगी गहन जांच
ईडी का मानना है कि विकास गर्ग महादेव बेटिंग एप और उससे जुड़े वित्तीय नेटवर्क के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा था। एजेंसी अब यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि कथित अवैध कमाई को किन-किन कंपनियों, बैंक खातों और निवेश के माध्यम से वैध दिखाने की कोशिश की गई।
पूछताछ के दौरान ईडी विदेशी लेन-देन, शेल कंपनियों, निवेशकों और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच करेगी।
देश के सबसे चर्चित आर्थिक मामलों में शामिल है महादेव एप केस
महादेव ऑनलाइन बेटिंग एप मामला देश के सबसे चर्चित आर्थिक अपराधों में शामिल है। इस मामले में ईडी पहले भी कई राज्यों में छापेमारी कर चुकी है और बड़ी मात्रा में नकदी, डिजिटल साक्ष्य, बैंक रिकॉर्ड और संपत्तियां जब्त कर चुकी है। जांच एजेंसियों का मानना है कि इस नेटवर्क के जरिए हजारों करोड़ रुपये का अवैध कारोबार संचालित किया गया।
पूछताछ में खुल सकते हैं नए राज
विकास गर्ग की गिरफ्तारी को इस मामले में एक अहम कड़ी माना जा रहा है। जांच एजेंसियों का मानना है कि पूछताछ के दौरान महादेव एप नेटवर्क से जुड़े कई नए नाम, वित्तीय लेन-देन और कथित मनी लॉन्ड्रिंग के तरीकों का खुलासा हो सकता है।
फिलहाल ईडी मामले की विस्तृत जांच में जुटी है और आने वाले दिनों में इस प्रकरण में और भी बड़ी कार्रवाई होने की संभावना जताई जा रही है।





