पटना। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) से जुड़े विवाद के बीच सोशल मीडिया पर अब ‘कुत्ता जनता पार्टी’ (KJP) नाम चर्चा में है। बताया जा रहा है कि BPSC के एक अधिकारी द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस्तेमाल की गई कहावत से नाराज कुछ अभ्यर्थियों ने विरोध के तौर पर यह नाम अपनाया है। सोशल मीडिया पर इसके बैनर और वीडियो सामने आए हैं, जिनमें कुछ लोग ‘कुत्ता जनता पार्टी जिंदाबाद’ के नारे लगाते दिखाई दे रहे हैं।
यह कोई औपचारिक राजनीतिक दल है या नहीं, इसकी पुष्टि सामने आई जानकारी से नहीं होती। फिलहाल इसे सोशल मीडिया और प्रदर्शन से जुड़ी एक प्रतीकात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है।
BPSC अधिकारी की टिप्पणी के बाद शुरू हुआ विवाद
विवाद BPSC के परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद शुरू हुआ। इस दौरान उनसे प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों की मांगों और शिक्षक भर्ती परीक्षा से जुड़े बदलावों को लेकर सवाल किया गया था।
कुछ अभ्यर्थी शिक्षक भर्ती परीक्षा को प्रीलिम्स और मेंस के रूप में दो चरणों में कराने की व्यवस्था का विरोध कर रहे हैं। उनका दावा है कि नई व्यवस्था से विशेष रूप से हिंदी माध्यम के अभ्यर्थियों को परेशानी हो सकती है।
इसी मुद्दे पर जवाब देते हुए अधिकारी ने कथित तौर पर कहा कि आयोग के फैसले से आपत्ति रखने वाले लोग अदालत का रुख कर सकते हैं। इसी दौरान उन्होंने ‘हाथी चले बाजार, कुत्ता भौंके हजार’ वाली कहावत का इस्तेमाल किया।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ बयान
अधिकारी की टिप्पणी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद बढ़ गया। कई अभ्यर्थियों और सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे प्रदर्शनकारी छात्रों से जोड़ते हुए आपत्ति जताई।
वीडियो में अधिकारी अपनी कही गई कहावत को नजरअंदाज करने की बात कहते भी सुनाई दिए। हालांकि तब तक बयान को लेकर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं का सिलसिला शुरू हो चुका था।
विरोध में सामने आई ‘कुत्ता जनता पार्टी’
इस टिप्पणी के विरोध में कुछ अभ्यर्थियों ने व्यंग्यात्मक तरीके से ‘कुत्ता जनता पार्टी’ यानी KJP नाम का इस्तेमाल शुरू कर दिया। सोशल मीडिया पर इससे जुड़े पोस्ट, वीडियो और बैनर सामने आने लगे।
इसे छात्रों के विरोध के एक प्रतीकात्मक तरीके के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि इसका कोई औपचारिक संस्थापक कौन है या इसे किसी राजनीतिक संगठन के रूप में पंजीकृत कराया गया है, इसकी पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
विवाद बढ़ने पर अधिकारी ने दी सफाई
मामला बढ़ने के बाद राजेश कुमार सिंह ने अपनी टिप्पणी को लेकर सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का अपमान करना नहीं था और उन्होंने केवल एक प्रचलित कहावत का इस्तेमाल किया था।
उन्होंने दावा किया कि उनकी टिप्पणी को संदर्भ से अलग करके पेश किया गया। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि उनके शब्दों से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो उन्हें इसका खेद है।
सोशल मीडिया पर पहले भी चर्चा में आए ऐसे नाम
‘कुत्ता जनता पार्टी’ से पहले भी सोशल मीडिया पर व्यंग्य और विरोध के लिए अलग-अलग नामों वाली कथित ‘पार्टियां’ चर्चा में रही हैं। इनमें ‘कॉकरोच जनता पार्टी’, ‘E20 जनता पार्टी’ और ‘दिमागी नक्सल जनता पार्टी’ जैसे नाम शामिल बताए गए हैं।
ऐसे नाम आमतौर पर सोशल मीडिया कैंपेन, मीम या किसी मुद्दे के खिलाफ प्रतीकात्मक विरोध के रूप में इस्तेमाल किए जाते हैं। BPSC से जुड़े मौजूदा विवाद में भी ‘कुत्ता जनता पार्टी’ इसी तरह सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है।





