रायपुर/गुवाहाटी। असम की नगांव लोकसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के प्रचार के दौरान सोमवार को राजनीतिक तनाव की स्थिति बन गई। समागुरी विधानसभा क्षेत्र के बरमा इलाके में कांग्रेस के चुनावी काफिले पर कथित तौर पर पत्थर फेंके जाने की घटना सामने आई है। काफिले में असम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और असम कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल, कांग्रेस प्रत्याशी सिबामोनी बोरा और अन्य नेता मौजूद थे।
काले झंडे दिखाने के बाद बढ़ा विवाद
स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, कांग्रेस नेता चुनाव प्रचार के लिए नगांव की ओर जा रहे थे। इसी दौरान बरमा क्षेत्र में कुछ लोगों ने कथित तौर पर काले झंडे दिखाए और ‘गो बैक’ के नारे लगाए।
इसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई और कांग्रेस के काफिले से जुड़े कुछ वाहनों पर पत्थर फेंके जाने की खबर सामने आई। कुछ रिपोर्टों में नकाब पहने लोगों द्वारा दूर से पथराव किए जाने का भी जिक्र है।
गौरव गोगोई ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर लगाया आरोप
असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने सोशल मीडिया पर घटना से जुड़ा वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया कि उनके और भूपेश बघेल के काफिले को निशाना बनाया गया।
गोगोई ने इसके लिए कथित तौर पर भाजपा कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि पुलिस को पहले से भीड़ नियंत्रित करने के लिए कहा गया था। उन्होंने मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और पुलिस प्रशासन से घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। ये आरोप कांग्रेस की ओर से लगाए गए हैं और घटना की स्वतंत्र जांच से ही जिम्मेदारी स्पष्ट होगी।
कांग्रेस और भाजपा समर्थकों के बीच झड़प की भी खबर
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में कांग्रेस और भाजपा समर्थकों के बीच झड़प होने की बात भी कही गई है। घटना के बाद इलाके में पुलिस और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया।
पत्रकारों से मारपीट के आरोप
घटनाक्रम के दौरान कुछ पत्रकारों के साथ कथित मारपीट की खबरें भी सामने आई हैं। हालांकि, हिंसा की शुरुआत किस पक्ष से हुई, कितने लोग घायल हुए और वाहनों या अन्य संपत्ति को कितना नुकसान पहुंचा, इसकी स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
6 अक्टूबर को नगांव में मतदान
नगांव लोकसभा सीट पर उपचुनाव के लिए 6 अक्टूबर 2026 को मतदान होगा और 9 अक्टूबर को मतगणना की जाएगी। कांग्रेस ने पूर्व विधायक सिबामोनी बोरा को उम्मीदवार बनाया है, जबकि भाजपा ने पूर्व आईएएस अधिकारी देबाशीष शर्मा को मैदान में उतारा है।
फिलहाल कांग्रेस काफिले से जुड़ी घटना के बाद असम में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। पुलिस की ओर से विस्तृत जांच और किसी संभावित प्राथमिकी या गिरफ्तारी की आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।





