रायपुर/नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के युवाओं और विद्यार्थियों के बीच दिए गए हालिया भाषणों को लेकर ‘झूठ की गूंज’ नाम की एक वेबसाइट ने कई सवाल उठाए हैं। वेबसाइट से जुड़े युवाओं का दावा है कि राहुल गांधी के चार शहरों में दिए गए संबोधनों का अध्ययन और फैक्ट चेक करने के बाद 40 बिंदुओं पर उनके दावों की पड़ताल की गई। वेबसाइट का आरोप है कि जांच में राहुल गांधी के भाषणों में कही गई 73 प्रतिशत बातें गलत और 27 प्रतिशत भ्रामक पाई गईं। हालांकि, इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
वेबसाइट के मुताबिक राहुल गांधी ने 17 जून 2026 को कोटा, 17 जुलाई को देहरादून, 8 अगस्त को प्रयागराज और 22 अगस्त को पुणे में विद्यार्थियों और युवाओं के साथ संवाद किया था। इन कार्यक्रमों में उन्होंने मौजूदा व्यवस्था और केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर विभिन्न मुद्दे उठाए थे।
40 बिंदुओं पर भाषणों की पड़ताल का दावा
‘झूठ की गूंज’ से जुड़े युवाओं का कहना है कि राहुल गांधी के चारों कार्यक्रमों में दिए गए उदाहरणों और विभिन्न दावों का अध्ययन किया गया। इसके आधार पर वेबसाइट पर करीब 40 बिंदुओं में सवाल उठाए गए हैं। वेबसाइट का दावा है कि संबंधित बयानों और उपलब्ध तथ्यों की तुलना करने के बाद रिपोर्ट तैयार की गई है।
वेबसाइट संचालकों ने आरोप लगाया कि युवाओं के बीच कई ऐसी बातें रखी गईं, जिनका तथ्यात्मक आधार उनके विश्लेषण में सही नहीं पाया गया। इसी आधार पर वेबसाइट ने राहुल गांधी के बयानों को लेकर 73 प्रतिशत गलत और 27 प्रतिशत भ्रामक होने का दावा किया है।
कांग्रेस पर दबाव बनाने का आरोप
वेबसाइट से जुड़े लोगों ने कांग्रेस की लीगल और आईटी टीम पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि वेबसाइट और उसके सोशल मीडिया अकाउंट पर सामग्री प्रकाशित किए जाने के बाद उन्हें कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई। वेबसाइट संचालकों का यह भी कहना है कि उन्हें कई बार कथित रूप से धमकियां मिली हैं।
उन्होंने दावा किया कि कर्नाटक में वेबसाइट के प्रबंधन से जुड़े मामले में शिकायत भी दर्ज कराई गई है। इन आरोपों पर कांग्रेस की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने पर उसका पक्ष भी महत्वपूर्ण होगा।
‘दबाव में नहीं आएंगे’
वेबसाइट से जुड़े युवाओं ने कहा कि वे किसी राजनीतिक दबाव में अपनी गतिविधियां बंद नहीं करेंगे। उनका कहना है कि उन्होंने राहुल गांधी के भाषणों में किए गए दावों का उपलब्ध तथ्यों के आधार पर फैक्ट चेक किया है और अपने निष्कर्ष वेबसाइट पर प्रकाशित किए हैं।
संचालकों ने कहा कि यदि उनके खिलाफ अलग-अलग राज्यों में कानूनी कार्रवाई भी होती है, तब भी वे अपने दावों के समर्थन में उपलब्ध साक्ष्यों के साथ अपना पक्ष रखेंगे।
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर भी उठाए सवाल
‘झूठ की गूंज’ ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप भी लगाया है। वेबसाइट का कहना है कि एक ओर राहुल गांधी मीडिया और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की बात करते हैं, वहीं दूसरी ओर उनके भाषणों की आलोचनात्मक पड़ताल करने वालों के खिलाफ कथित रूप से कानूनी कार्रवाई और दबाव बनाया जा रहा है।
फिलहाल ये सभी आरोप और आंकड़े ‘झूठ की गूंज’ वेबसाइट की ओर से किए गए दावे हैं। राहुल गांधी के भाषणों से जुड़े निष्कर्षों, 73 प्रतिशत गलत और 27 प्रतिशत भ्रामक होने के आंकड़े तथा कथित धमकियों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।





