रायपुर। राजधानी रायपुर में हनीट्रैप के जरिए एक कारोबारी को ब्लैकमेल कर पैसे वसूलने का मामला सामने आया है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक ब्यूटी पार्लर संचालिका और एक कॉलेज छात्रा को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों ने कारोबारी को दुष्कर्म के झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर नकदी वसूलने की कोशिश की। दोनों आरोपितों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।


दोस्ती के बाद जाल में फंसाया

पुलिस के अनुसार, शंकर नगर स्थित न्यू सेल्स टैक्स कॉलोनी निवासी 38 वर्षीय कारोबारी की मुलाकात मई 2026 में गुढ़ियारी थाना परिसर में नित्या सिंह और पायल उर्फ आंचल तिवारी से हुई थी। परिचय बढ़ने के बाद दोनों ने नौकरी और ब्यूटी पार्लर शुरू करने के नाम पर कारोबारी से आर्थिक मदद मांगनी शुरू कर दी।


नशीली सिगरेट पिलाकर बनाए फोटो और वीडियो

शिकायत के मुताबिक, 14 जून को दोनों महिलाओं ने कारोबारी को मिलने के लिए बुलाया। आरोप है कि कार में उसे नशीली सिगरेट पिलाई गई, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद घर छोड़ने के बहाने दोनों उसके साथ गईं और उसकी फोटो एवं वीडियो बना लिए।


दुष्कर्म के झूठे केस की धमकी देकर ब्लैकमेल

पीड़ित का आरोप है कि अगले दिन से दोनों महिलाओं ने फोटो और वीडियो वायरल करने तथा दुष्कर्म के झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। बदनामी के डर से कारोबारी ने 25 जून को तरुण नगर हाट बाजार के पास दोनों को 25 हजार रुपये नकद दिए, लेकिन इसके बाद भी पैसों की मांग लगातार जारी रही।


कार्यालय पहुंचकर किया हंगामा

शिकायत में यह भी बताया गया है कि 1 जुलाई को दोनों आरोपित कारोबारी के कार्यालय के बेसमेंट तक पहुंच गईं और उसकी कार से पैसों से भरा बैग निकालने की कोशिश की। इसके बाद 10 जुलाई को वे कार्यालय के अंदर घुस गईं और कर्मचारियों के सामने गाली-गलौज करते हुए दोबारा बड़ी रकम की मांग करने लगीं। रुपये नहीं देने पर दुष्कर्म का मामला दर्ज कराने और बदनाम करने की धमकी दी गई।


जांच में मिले ब्लैकमेलिंग के सबूत, दोनों गिरफ्तार

घटना से परेशान होकर कारोबारी ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस जांच में ब्लैकमेलिंग और अवैध उगाही के पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद कार्रवाई की गई।

सहायक पुलिस आयुक्त रमाकांत साहू ने बताया कि शिकायत की पुष्टि होने पर दोनों आरोपित महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया गया है। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है।