दुर्ग-भिलाई। दुर्ग जिले के समोद गांव में करीब पांच एकड़ जमीन पर अफीम की कथित अवैध खेती के मामले में पूर्व भाजपा नेता विनायक ताम्रकार को हाईकोर्ट से राहत मिली है। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा की अदालत ने मंगलवार को उनकी जमानत याचिका स्वीकार कर ली।

सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष यह तथ्य रखा गया कि घटना के समय विनायक ताम्रकार खेत में मौजूद नहीं थे। उनके कब्जे से किसी तरह का नशीला पदार्थ भी बरामद नहीं किया गया था। मामले की जांच पूरी हो चुकी है और पुलिस ने 29 जुलाई को आरोप पत्र भी न्यायालय में दाखिल कर दिया है। विनायक ताम्रकार 7 मार्च से जेल में बंद थे।

समोद गांव में पकड़ी गई थी अफीम की खेती

पुलगांव थाना क्षेत्र के समोद गांव में 6 मार्च को पुलिस ने करीब पांच एकड़ कृषि भूमि पर अफीम के पौधे मिलने के बाद कार्रवाई की थी। मौके पर पुलिस के साथ राजस्व, आबकारी और नारकोटिक्स से जुड़े अधिकारी भी पहुंचे थे।

जांच दल को खसरा नंबर 309 और 310 में बड़ी संख्या में अफीम के पौधे मिले थे। कार्रवाई के दौरान सह आरोपी विकास बिश्नोई को मौके से पकड़ा गया था। जांच में संबंधित जमीन मधुमति ताम्रकार और प्रीतिबाला ताम्रकार के नाम दर्ज होने की जानकारी सामने आई थी।

अभियोजन ने सुविधाओं का दिया था हवाला

अभियोजन पक्ष ने विनायक ताम्रकार को मामले से जोड़ने के लिए खेत में उपलब्ध पानी, बिजली, पंप, फव्वारा, निगरानी कैमरे और खेती से संबंधित अन्य सुविधाओं का उल्लेख किया।

वहीं बचाव पक्ष ने दलील दी कि घटना के समय विनायक मौके पर मौजूद नहीं थे और उनके कब्जे से कोई नशीला पदार्थ भी बरामद नहीं हुआ। साथ ही मामले की जांच पूरी होने और आरोप पत्र दाखिल हो जाने का भी हवाला दिया गया।

इन तथ्यों पर विचार करने के बाद हाईकोर्ट ने विनायक ताम्रकार की जमानत मंजूर कर दी।