दुर्ग। नियमितीकरण और 'समान कार्य, समान वेतन' की मांग को लेकर प्रदेशभर के अतिथि शिक्षकों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। विद्या मितान के बैनर तले पिछले 13 दिनों से दुर्ग के हिंदी भवन के सामने धरने पर बैठे अतिथि शिक्षकों ने सोमवार को रायपुर कूच का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया।

रायपुर की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को जेल चौक पर पुलिस ने डबल बैरिकेडिंग कर आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद नाराज शिक्षक सड़क पर ही धरने पर बैठ गए और भजन-कीर्तन तथा जसगीत गाकर सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।

आंदोलन का सबसे भावुक दृश्य तब देखने को मिला, जब बड़ी संख्या में महिला अतिथि शिक्षिकाएं अपने छोटे-छोटे बच्चों और बोरिया-बिस्तर के साथ धरना स्थल पर पहुंचीं। इससे साफ संकेत मिला कि आंदोलन अब लंबी लड़ाई का रूप ले चुका है और शिक्षक अपनी मांगों पर किसी भी कीमत पर पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।

प्रदर्शनकारी शिक्षकों का कहना है कि वे वर्षों से शासकीय स्कूलों में सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन अब तक उनका नियमितीकरण नहीं किया गया। उनका आरोप है कि नियमित शिक्षकों के समान कार्य करने के बावजूद उन्हें न तो समान वेतन मिलता है और न ही अन्य सुविधाओं का लाभ।

अतिथि शिक्षकों ने सरकार से शीघ्र नियमितीकरण, समान कार्य के लिए समान वेतन तथा अन्य लंबित मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

इधर, किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। हालांकि पूरे घटनाक्रम के दौरान प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और अतिथि शिक्षक अपनी मांगों को लेकर सड़क पर डटे रहे।