धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के भखारा थाना क्षेत्र में फर्जी सिम कार्ड जारी करने और उन्हें अवैध रूप से बेचने का बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि दो कथित एजेंट लंबे समय से फर्जी दस्तावेजों और संदिग्ध तरीकों से हजारों सिम कार्ड जारी कर रहे थे। आशंका है कि इन सिम कार्डों का इस्तेमाल साइबर ठगी, म्यूल अकाउंट और अन्य गंभीर अपराधों में किया जा रहा था।


दो एजेंटों पर गंभीर आरोप

पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान प्रेम साहू और वासुदेव नामक दो एजेंटों की भूमिका सामने आई है। आरोप है कि दोनों फर्जी सिम कार्ड जारी कर उन्हें बेचने के साथ-साथ स्वयं भी उनका उपयोग करते थे। इन सिम कार्डों का उपयोग ऐसे अपराधों में किया जाता था, जिनमें असली अपराधियों की पहचान छिपी रहे।


म्यूल अकाउंट और साइबर ठगी से जुड़े तार

प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि फर्जी सिम कार्डों का इस्तेमाल म्यूल अकाउंट संचालित करने और विभिन्न साइबर अपराधों को अंजाम देने के लिए किया जाता था। ऐसे मामलों में अपराधी दूसरों की पहचान और दस्तावेजों का इस्तेमाल कर खुद को जांच एजेंसियों की पहुंच से दूर रखते हैं, जिससे निर्दोष लोग कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ जाते हैं।


आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस

मामले की जानकारी मिलते ही भखारा थाना पुलिस ने जांच तेज कर दी है। दोनों संदिग्ध एजेंटों की तलाश जारी है और पुलिस इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान करने में जुटी है। साथ ही जारी किए गए सिम कार्डों का रिकॉर्ड और उनके उपयोग की भी जांच की जा रही है।


लोगों से सतर्क रहने की अपील

पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी व्यक्ति को अपने आधार कार्ड, पहचान पत्र या अन्य दस्तावेज बिना सत्यापन के उपलब्ध न कराएं। अधिकारियों का कहना है कि पहचान संबंधी दस्तावेजों का दुरुपयोग कर साइबर अपराधी बड़े पैमाने पर ठगी और अन्य आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।