नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में रेलवे, सड़क और विकास परियोजनाओं से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। हालांकि, लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को जिस फैसले का बेसब्री से इंतजार था, उस महंगाई भत्ते (DA) में नई बढ़ोतरी को लेकर बैठक में कोई घोषणा नहीं हुई। ऐसे में कर्मचारियों को फिलहाल और इंतजार करना पड़ सकता है।

जुलाई-दिसंबर के DA पर टिकी निगाहें

केंद्रीय कर्मचारियों को उम्मीद है कि सरकार जुलाई-दिसंबर 2026 की अवधि के लिए महंगाई भत्ते में संशोधन करेगी। केंद्र सरकार आमतौर पर साल में दो बार—जनवरी और जुलाई से प्रभावी—DA में बदलाव करती है। यही कारण है कि जुलाई से लागू होने वाले संभावित संशोधन को लेकर कर्मचारियों और पेंशनर्स की निगाहें सरकार के अगले फैसले पर टिकी हैं।

कैसे तय होता है महंगाई भत्ता?

महंगाई भत्ता केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसका उद्देश्य बढ़ती महंगाई से कर्मचारियों की क्रय शक्ति पर पड़ने वाले असर को कम करना है। DA में संशोधन के लिए महंगाई और अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI) से जुड़े आंकड़ों को आधार बनाया जाता है। पेंशनर्स को इसी आधार पर महंगाई राहत यानी DR का लाभ मिलता है।

अप्रैल में बढ़ा था DA-DR

इससे पहले अप्रैल 2026 में केंद्रीय कैबिनेट ने कर्मचारियों और पेंशनर्स के DA और DR में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दी थी। इसके बाद से कर्मचारियों को अगली छमाही के संशोधन का इंतजार है।

कैबिनेट में रेल और सड़क परियोजनाओं पर फोकस

ताजा कैबिनेट बैठक में सरकार का प्रमुख फोकस बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं पर रहा। रेलवे नेटवर्क को मजबूत करने और सड़क कनेक्टिविटी बेहतर करने से संबंधित प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन परियोजनाओं के जरिए परिवहन और माल ढुलाई क्षमता बेहतर करने के साथ आर्थिक गतिविधियों को गति देने पर जोर है।

8वें वेतन आयोग पर भी कर्मचारियों की नजर

DA के साथ केंद्रीय कर्मचारियों की निगाहें 8वें वेतन आयोग से जुड़ी प्रक्रिया पर भी हैं। वेतन आयोग की सिफारिशों से भविष्य में कर्मचारियों के वेतन, भत्तों और पेंशन व्यवस्था में बदलाव हो सकता है। फिलहाल कर्मचारियों को DA पर सरकार की अगली घोषणा का इंतजार है।