रायपुर। देश में एक बार फिर महंगाई ने आम जनता की चिंता बढ़ा दी है। सितंबर 2026 में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 5.54 प्रतिशत पहुंच गई है, जबकि अगस्त में यह 4.83 प्रतिशत थी। हालांकि, छत्तीसगढ़ में महंगाई दर राष्ट्रीय औसत से कम 5 प्रतिशत दर्ज की गई है, लेकिन प्रदेश में बढ़ती कीमतों का असर आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है। खासतौर पर ग्रामीण इलाकों में महंगाई का दबाव अधिक देखने को मिल रहा है।
राष्ट्रीय औसत से कम, लेकिन कई राज्यों से आगे छत्तीसगढ़
केंद्र सरकार की ओर से जारी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आंकड़ों के अनुसार, सितंबर में देश की खुदरा महंगाई दर 5.54 प्रतिशत रही। वहीं, छत्तीसगढ़ में यह दर 5 प्रतिशत दर्ज की गई।
राष्ट्रीय औसत से कम होने के बावजूद प्रदेश की महंगाई दर कई अन्य राज्यों की तुलना में अधिक रही। इससे स्पष्ट है कि महंगाई के मामले में छत्तीसगढ़ को अभी भी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में महंगाई का ज्यादा दबाव
महंगाई का असर शहरी क्षेत्रों की तुलना में ग्रामीण इलाकों में अधिक दिखाई दे रहा है। ग्रामीण परिवारों के घरेलू बजट पर बढ़ती कीमतों का दबाव पड़ रहा है। रोजमर्रा की जरूरतों पर होने वाला खर्च लोगों की चिंता बढ़ा रहा है।
खासतौर पर सीमित आय वाले परिवारों के लिए घरेलू खर्चों का प्रबंधन करना मुश्किल हो सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में महंगाई बढ़ने से आम उपभोक्ताओं की क्रय शक्ति प्रभावित होने की आशंका है।
इन राज्यों में छत्तीसगढ़ से अधिक महंगाई
राज्यवार आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर में कई राज्यों की महंगाई दर छत्तीसगढ़ से अधिक रही। राजस्थान में 6.81 प्रतिशत, सिक्किम में 6.70 प्रतिशत, ओडिशा में 6.66 प्रतिशत, अरुणाचल प्रदेश में 6.64 प्रतिशत और असम में 6.29 प्रतिशत महंगाई दर्ज की गई।
वहीं, पश्चिम बंगाल में 3.22 प्रतिशत, मिजोरम में 2.85 प्रतिशत, नागालैंड में 3.59 प्रतिशत और मेघालय में 3.59 प्रतिशत महंगाई दर रही। इन राज्यों के मुकाबले छत्तीसगढ़ में कीमतों में बढ़ोतरी का स्तर अधिक रहा।
अगस्त के मुकाबले सितंबर में बढ़ी महंगाई
आंकड़ों के अनुसार, अगस्त 2026 में देश की खुदरा महंगाई दर 4.83 प्रतिशत थी, जो सितंबर में बढ़कर 5.54 प्रतिशत हो गई। यानी एक महीने में महंगाई दर में 0.71 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
महंगाई दर में यह वृद्धि घरेलू बजट और उपभोक्ताओं की खरीदारी क्षमता के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
आम जनता के बजट पर बढ़ सकता है बोझ
छत्तीसगढ़ में महंगाई दर राष्ट्रीय औसत से नीचे रहने के बावजूद आम उपभोक्ताओं के लिए कीमतों में बढ़ोतरी चिंता का विषय बनी हुई है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में महंगाई का अधिक प्रभाव घरेलू खर्च को प्रभावित कर सकता है।
आने वाले महीनों में महंगाई की स्थिति और आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में होने वाले बदलाव पर आम लोगों की नजर रहेगी।





