नगर सैनिकों के मानदेय में बढ़ोतरी को लेकर सरकार ने तेज की प्रक्रिया, गृह विभाग ने तैयार किया प्रस्ताव, महंगाई भत्ता और वर्दी धुलाई भत्ता जोड़कर तय की गई नई राशि

रायपुर, 22 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ में होमगार्ड के रूप में सेवाएं दे रहे नगर सैनिकों के लिए अच्छी खबर है। प्रदेश सरकार उनके मानदेय में बढ़ोतरी करने की तैयारी में है। गृह विभाग ने नगर सैनिकों को प्रतिमाह 30,870 रुपये देने का प्रस्ताव तैयार किया है। इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर प्रदेश के लगभग 7,900 नगर सैनिकों को इसका लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर नगर सैनिकों की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के उद्देश्य से यह पहल की गई है। गृह मंत्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में तैयार प्रस्ताव को अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद नई मानदेय व्यवस्था लागू की जा सकेगी।

19,500 रुपये मूल मानदेय, महंगाई भत्ता भी जोड़ने की तैयारी

प्रस्ताव के मुताबिक नगर सैनिकों के मूल मासिक मानदेय में महंगाई भत्ता और वर्दी धुलाई भत्ता शामिल करने की योजना है। वर्तमान मूल मानदेय 19,500 रुपये है। इसमें 58 प्रतिशत की दर से 11,310 रुपये महंगाई भत्ता और 60 रुपये वर्दी धुलाई भत्ता जोड़ने का प्रस्ताव है।

इस तरह नगर सैनिकों को कुल 30,870 रुपये प्रतिमाह मिल सकेंगे। प्रस्तावित राशि के अनुसार प्रतिदिन औसतन 1,029 रुपये का मानदेय बनता है।

वर्ष 2023 में बढ़ाया गया था मानदेय

प्रदेश में नगर सैनिकों के मानदेय में इससे पहले वर्ष 2023 में संशोधन किया गया था। उस समय 6,300 रुपये की वृद्धि करते हुए मूल मासिक मानदेय 13,200 रुपये से बढ़ाकर 19,500 रुपये किया गया था।

इससे पहले वर्ष 2017 में भी मानदेय में 3,200 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। अब सरकार एक बार फिर नगर सैनिकों को आर्थिक राहत देने की दिशा में कदम बढ़ा रही है।

सुरक्षा व्यवस्था में अहम भूमिका निभाते हैं नगर सैनिक

छत्तीसगढ़ के नगर सैनिक विभिन्न जिलों में पुलिस और प्रशासन के सहयोग से अपनी सेवाएं देते हैं। त्योहारों, चुनावों, महत्वपूर्ण आयोजनों, यातायात व्यवस्था और आपदा प्रबंधन जैसे कार्यों में उनकी सक्रिय भागीदारी रहती है।

लंबे समय से मानदेय में सुधार की उम्मीद कर रहे नगर सैनिकों के लिए यह प्रस्ताव महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बढ़ी हुई राशि लागू होने से उनके परिवारों को भी आर्थिक राहत मिलने की संभावना है।

शासन की मंजूरी के बाद लागू होगी नई दर

मानदेय संशोधन के प्रस्ताव से नगर सैनिकों में उत्साह है। हालांकि, अभी इसे अंतिम स्वीकृति मिलना बाकी है। सरकार की ओर से आदेश जारी होने के बाद ही संशोधित मानदेय का भुगतान शुरू होगा।

फिलहाल प्रदेश के करीब 7,900 नगर सैनिकों की नजर शासन के अंतिम निर्णय पर टिकी हुई है।