गुरु दर्शन एवं संत समागम मेले में पहुंचे मुख्यमंत्री साय, शिक्षा और सड़क सुविधाओं के विस्तार पर जोर, प्रदेश के 40 स्थानों पर स्थापित होंगे जैतखाम

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आरंग विकासखंड के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल भंडारपुरी धाम में आयोजित गुरु दर्शन एवं संत समागम मेले में शामिल होकर क्षेत्र के विकास को नई गति देने की पहल की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने करीब 29 करोड़ रुपये की लागत से तीन सड़क परियोजनाओं का भूमिपूजन किया। साथ ही स्कूल भवनों और नगर पंचायत कार्यालय सहित चार नए निर्माण कार्यों की घोषणा की।

मुख्यमंत्री साय ने भंडारपुरी धाम पहुंचकर गुरुगद्दी के दर्शन किए और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने बाबा गुरु घासीदास के विचारों को समाज के लिए प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि समानता, सद्भाव और भाईचारे की भावना से ही प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।

तीन सड़कों पर खर्च होंगे 28.96 करोड़ रुपये

मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में सड़क सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए 28 करोड़ 96 लाख 82 हजार रुपये की तीन परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इनमें मोहंदी-अड़सेना मार्ग के चार किलोमीटर हिस्से के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण पर 8 करोड़ 31 लाख रुपये से अधिक खर्च होंगे।

इसी तरह नरदहा के दो किलोमीटर आंतरिक मार्ग के निर्माण के लिए करीब 3 करोड़ 31 लाख रुपये तथा छतौना-दरबा-कूटेसर-बड़गांव-कुंडा-नारा-लखौली मार्ग के 29 किलोमीटर हिस्से के डामर नवीनीकरण के लिए करीब 17 करोड़ 35 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से ग्रामीणों को आवागमन में राहत मिलने के साथ आसपास के गांवों की संपर्क व्यवस्था मजबूत होगी।

शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं के लिए 2.90 करोड़ की घोषणा

समारोह में तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब की मांग पर मुख्यमंत्री ने चार निर्माण कार्यों के लिए 2 करोड़ 90 लाख रुपये देने की घोषणा की।

इसके अंतर्गत खमतराई में हाई स्कूल भवन निर्माण के लिए 75 लाख रुपये, ओड़का में प्राथमिक शाला भवन के लिए 30 लाख रुपये और मंदिर हसौद के पीएम श्री स्कूल में विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए एक करोड़ रुपये की घोषणा की गई। वहीं चंदखुरी नगर पंचायत के नए कार्यालय भवन के निर्माण के लिए 85 लाख रुपये दिए जाएंगे।

प्रदेश के 40 स्थानों पर स्थापित किए जाएंगे जैतखाम

मुख्यमंत्री ने सतनामी समाज की धार्मिक और सांस्कृतिक आस्था को ध्यान में रखते हुए अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण मद से प्रदेश के 40 स्थानों पर लकड़ी के जैतखाम स्थापित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार समाज की परंपराओं और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने भंडारपुरी धाम में मोती महल के भूमिपूजन का उल्लेख करते हुए कहा कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के विकास से प्रदेश की समृद्ध विरासत को नई पहचान मिलेगी।

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बढ़ाई गईं सीटें

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को बेहतर शिक्षा और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने बताया कि दिल्ली स्थित कोचिंग संस्था में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए सीटों की संख्या 100 से बढ़ाकर 200 कर दी गई है। इससे अधिक युवाओं को उच्च स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने का अवसर मिलेगा।

बाबा गुरु घासीदास का संदेश समाज के लिए प्रेरणा

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास ने मानवता को समानता और सामाजिक समरसता का मार्ग दिखाया। उनका संदेश 'मनखे-मनखे एक समान' आज भी लोगों को आपसी भेदभाव समाप्त कर एकजुट होकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार भी निरंतर प्रयास कर रही है। सरकार की प्राथमिकता विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।

कार्यक्रम में मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं और समाज के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। धर्मगुरु बालदास साहेब ने भी श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए सामाजिक एकता और सद्भाव बनाए रखने का संदेश दिया।

इस अवसर पर राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा, विधायक इंद्र कुमार साहू, विधायक रोहित साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि, संत-महात्मा, समाज के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।