सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के रैनीभाठा में ऐतिहासिक दशहरा समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री, राजमहल मार्ग पर पुल, वार्ड 15 में मुक्तिधाम और समलाई माता मंदिर के पास डोम शेड निर्माण की घोषणा, विरासत के संरक्षण और विकास पर दिया जोर

सारंगढ़-बिलाईगढ़, 21 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बुधवार को सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के नगर पंचायत बिलाईगढ़ स्थित रैनीभाठा में आयोजित ऐतिहासिक राजशाही दशहरा उत्सव में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्रवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए बिलाईगढ़ के विकास और नागरिक सुविधाओं के विस्तार के लिए पांच महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने बिलाईगढ़ में अपर कलेक्टर कार्यालय खोलने, तीन करोड़ रुपये की लागत से गौरव पथ बनाने, राजमहल जाने वाले मार्ग पर पुल निर्माण, वार्ड क्रमांक 15 में मुक्तिधाम तथा मां समलाई माता मंदिर के समीप डोम शेड निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता दे रही है।


बिलाईगढ़ को मिली पांच विकास कार्यों की सौगात

ऐतिहासिक दशहरा उत्सव के मंच से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बिलाईगढ़ क्षेत्र के लिए पांच घोषणाएं कीं।

उन्होंने नगर में अपर कलेक्टर कार्यालय स्थापित करने की घोषणा की, जिससे स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक सुविधाओं का विस्तार होने की उम्मीद है।

इसके अलावा बस स्टैंड से हायर सेकेंडरी स्कूल तक तीन करोड़ रुपये की लागत से गौरव पथ का निर्माण कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने राजमहल जाने वाले मार्ग पर पुल निर्माण, नगर पंचायत के वार्ड क्रमांक 15 में मुक्तिधाम तथा मां समलाई माता मंदिर के पास डोम शेड निर्माण की भी घोषणा की।

इन कार्यों के पूरा होने से क्षेत्र में आवागमन, प्रशासनिक सेवाओं और सार्वजनिक सुविधाओं में सुधार होने की संभावना है।


राजशाही दशहरा को बताया सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिलाईगढ़ का ऐतिहासिक राजशाही दशहरा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और सामाजिक एकता का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि राजपरिवार ने पीढ़ियों से इस परंपरा को संरक्षित रखा है। आज भी स्थानीय नागरिक पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ इस उत्सव में भाग लेते हैं।

मुख्यमंत्री ने आयोजन से जुड़े राजपरिवार, समिति के सदस्यों और क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए परंपरा को बनाए रखने के लिए उनका आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, इतिहास और परंपराओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


विजयादशमी देती है सत्य और न्याय की जीत का संदेश

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विजयादशमी के धार्मिक और सामाजिक महत्व पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि विजयादशमी का पर्व अधर्म पर धर्म, अन्याय पर न्याय और असत्य पर सत्य की विजय का संदेश देता है।

मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीराम के आदर्शों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह पर्व लोगों को मर्यादा, कर्तव्य और लोककल्याण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।

उन्होंने कहा कि प्रतिवर्ष रावण के पुतले का दहन किया जाता है, लेकिन इस पर्व की वास्तविक सार्थकता तभी है, जब व्यक्ति अपने भीतर मौजूद क्रोध, लोभ, अहंकार और अन्य बुराइयों को भी समाप्त करने का प्रयास करे।


पीएम आवास योजना को लेकर सरकार की उपलब्धियां गिनाईं

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में प्रदेश सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी भी दी।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार विकास और सुशासन की दिशा में काम कर रही है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, सरकार गठन के अगले ही दिन आयोजित मंत्रिपरिषद की पहली बैठक में 18 लाख गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया था।

उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार के सहयोग से प्रदेश में आवास निर्माण के कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और प्रतिदिन लगभग 1,600 आवास बनाए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य विकास योजनाओं का लाभ प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र और जरूरतमंद परिवार तक पहुंचाना है।


बस्तर में शांति और विकास को लेकर कही बड़ी बात

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में बस्तर क्षेत्र की बदलती परिस्थितियों का भी उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों और सांस्कृतिक विविधता से समृद्ध बस्तर लंबे समय तक नक्सल हिंसा के कारण विकास की पूरी संभावनाओं का लाभ नहीं उठा सका।

मुख्यमंत्री के अनुसार, सुरक्षा बलों के साहस और स्थानीय जनता के सहयोग से क्षेत्र की परिस्थितियों में सकारात्मक बदलाव आया है।

उन्होंने कहा कि बस्तर में शांति और सुरक्षा का वातावरण मजबूत होने से सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रेल और संचार सुविधाओं के विस्तार के नए अवसर सामने आ रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि बेहतर संपर्क और बुनियादी सुविधाओं के विकास से बस्तर के दूरस्थ क्षेत्रों को भी लाभ मिलेगा।


रेल परियोजनाओं से बढ़ेगी छत्तीसगढ़ की कनेक्टिविटी

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में रेल अधोसंरचना के विस्तार को भी महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से छत्तीसगढ़ में नई रेल परियोजनाओं और यात्री सेवाओं को गति मिल रही है।

मुख्यमंत्री ने रावघाट तक रेल संपर्क पहुंचने और रायपुर-कुरूद क्षेत्र में यात्री रेल सेवाओं के विस्तार का उल्लेख किया।

उनके अनुसार, इन परियोजनाओं से दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी।

रेल संपर्क मजबूत होने से व्यापार, उद्योग, पर्यटन और रोजगार के अवसरों में भी बढ़ोतरी होने की संभावना है।


विरासत और विकास को साथ लेकर आगे बढ़ने पर जोर

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रदेश सरकार सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के साथ आधुनिक बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने बताया कि सरकार एक ओर ऐतिहासिक स्थलों, धार्मिक परंपराओं और आस्था के केंद्रों को संरक्षित रखने का प्रयास कर रही है, वहीं दूसरी ओर सड़क, रेल, आवास और प्रशासनिक अधोसंरचना के विकास पर भी ध्यान दे रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संतुलित विकास के जरिए प्रदेश के शहरों, कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।


क्षेत्र के विकास में जनभागीदारी को बताया जरूरी

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्रवासियों से प्रदेश के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के आदर्श समाज को प्रेम, सद्भाव, एकता और कर्तव्यनिष्ठा का संदेश देते हैं।

मुख्यमंत्री ने नागरिकों से इन आदर्शों को अपनाने और सामाजिक समरसता बनाए रखते हुए विकास कार्यों में सहयोग करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि सरकार और जनता के सामूहिक प्रयासों से ही विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा सकता है।


अपर कलेक्टर कार्यालय और गौरव पथ से बढ़ेंगी सुविधाएं

बिलाईगढ़ में अपर कलेक्टर कार्यालय खोलने की घोषणा को स्थानीय प्रशासनिक व्यवस्था के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

वहीं, बस स्टैंड से हायर सेकेंडरी स्कूल तक तीन करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित गौरव पथ के निर्माण से स्थानीय आवागमन की सुविधाओं में सुधार होने की उम्मीद है।

इसके अलावा राजमहल मार्ग पर पुल निर्माण, मुक्तिधाम और मंदिर के समीप डोम शेड जैसी घोषणाएं सार्वजनिक सुविधाओं को मजबूत करने से जुड़ी हैं।

फिलहाल इन कार्यों के लिए विस्तृत निर्माण कार्यक्रम और समयसीमा की जानकारी सामने नहीं आई है।

मुख्यमंत्री की घोषणाओं के बाद अब संबंधित विभागों की ओर से प्रस्तावित कार्यों की प्रशासनिक प्रक्रिया आगे बढ़ाए जाने की अपेक्षा है।