रायपुर। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ उत्तराखंड में दर्ज एफआईआर को लेकर छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने विरोध तेज कर दिया है। रायपुर और गरियाबंद में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए एफआईआर को राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित बताया। कांग्रेस नेताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच और राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर की समीक्षा कर उसे निरस्त करने की मांग की है।

रायपुर में अंबेडकर चौक से सिविल लाइन थाने तक मार्च

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर रायपुर ग्रामीण और शहर जिला कांग्रेस कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अंबेडकर चौक से सिविल लाइन थाने तक पैदल मार्च निकाला। प्रदर्शन का नेतृत्व रायपुर ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेंद्र पप्पू बंजारे और रायपुर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष कुमार शंकर मेनन ने किया।

मार्च के बाद कांग्रेस नेताओं ने सिविल लाइन थाना पहुंचकर थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा। पार्टी नेताओं ने राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को वापस लेने की मांग की।

गरियाबंद में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन

गरियाबंद में भी कांग्रेस कार्यकर्ता सिटी कोतवाली पहुंचे और प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं ने थाना प्रभारी को आवेदन सौंपते हुए मांग की कि राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मामले की निष्पक्ष समीक्षा की जाए। साथ ही उत्तराखंड से जुड़े पूरे घटनाक्रम की बिना किसी राजनीतिक दबाव के जांच कराने की मांग रखी गई।

मल्लिकार्जुन खड़गे से जुड़े घटनाक्रम पर भी जताया विरोध

कांग्रेस ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद हुए कथित ‘शुद्धिकरण’ कार्यक्रम को लेकर भी आपत्ति जताई। कांग्रेस का आरोप है कि इस मामले में भाजपा-आरएसएस से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।

कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि हल्द्वानी की घटना से जुड़े लोगों की भूमिका की निष्पक्ष जांच की जाए और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई हो।

कांग्रेस बोली- कानून सभी के लिए समान हो

रायपुर में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सामाजिक भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाना अपराध नहीं हो सकता। पार्टी का कहना है कि कानून का पालन राजनीतिक दबाव और पक्षपात से मुक्त होकर समान रूप से होना चाहिए।

कांग्रेस ने राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को राजनीतिक प्रतिशोध बताते हुए कहा कि पार्टी इस मुद्दे पर लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध जारी रखेगी। वहीं, एफआईआर शिकायतकर्ताओं के आरोपों के आधार पर दर्ज की गई है और मामले की जांच की जा रही है।