नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्र सरकार पर युवाओं से किए गए कथित वादों को पूरा नहीं करने का आरोप लगाते हुए एक बार फिर आंदोलन की घोषणा की है। संगठन ने सोमवार, 24 अगस्त को कहा कि वह 5 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में शांतिपूर्ण विरोध मार्च निकालेगा। CJP का दावा है कि 25 जुलाई को सरकार से मिले आश्वासनों के बाद देशभर में चल रहे युवा प्रदर्शनों को वापस लिया गया था, लेकिन उन प्रतिबद्धताओं पर अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।
संगठन ने सरकार के रवैये को लेकर नाराजगी जताते हुए कहा कि लंबे इंतजार के बाद दोबारा आंदोलन का फैसला लिया गया है। हालांकि, CJP की ओर से लगाए गए आरोपों पर केंद्र सरकार का पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।
इंडिया गेट से पुलिस मुख्यालय तक मार्च का ऐलान
CJP के मुताबिक, सोमवार दोपहर करीब 2 बजे संगठन की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक हुई। इसमें सरकार की ओर से कथित तौर पर दिए गए आश्वासनों और उन पर हुई कार्रवाई की समीक्षा की गई।
बैठक के बाद 5 सितंबर को दिल्ली में विरोध मार्च निकालने का फैसला लिया गया। संगठन के अनुसार, प्रस्तावित मार्च इंडिया गेट से शुरू होकर नई दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक जाएगा।
CJP का कहना है कि प्रदर्शन में देशभर से छात्र और युवा शामिल होंगे। संगठन ने दावा किया कि NEET से जुड़े मामलों में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों और 20 जुलाई के कथित 'संसद चलो' मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई से प्रभावित लोगों की भी इसमें भागीदारी रहेगी।
CJP ने लगाया 'विश्वासघात' का आरोप
संगठन ने केंद्र सरकार पर युवा पीढ़ी के साथ कथित 'विश्वासघात' करने का आरोप लगाया है। CJP का कहना है कि सरकार से मिले आश्वासनों के बाद उसने अपने आंदोलन को वापस लिया था, लेकिन करीब एक महीने बाद भी कई मांगों पर ठोस प्रगति दिखाई नहीं दी।
पार्टी का आरोप है कि सरकार विभिन्न तकनीकी कारणों का हवाला देकर फैसलों को लागू करने में देरी कर रही है। संगठन ने इसे देश के युवाओं और प्रभावित परिवारों के साथ अन्याय बताया है।
सरकार की मंशा पर उठाए सवाल
CJP ने दावा किया कि उसकी राष्ट्रीय कार्यसमिति ने इस बात पर भी चिंता जताई है कि सरकार कथित आश्वासनों को लागू करने के लिए कितनी गंभीर है।
संगठन का कहना है कि लंबे समय से कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है, लेकिन अब तक कई मुद्दों पर स्पष्ट स्थिति सामने नहीं आई है। इसी कारण संगठन ने दोबारा सड़क पर उतरने का फैसला किया।
FIR की सूची को लेकर भी किया दावा
CJP ने सुप्रीम कोर्ट में चल रही कार्यवाही का जिक्र करते हुए दावा किया कि 18 अगस्त को अदालत ने केंद्र से देशभर में संबंधित मामलों में दर्ज FIR की जानकारी उपलब्ध कराने को कहा था।
संगठन का दावा है कि इन मामलों से जुड़ी FIR की जानकारी उपलब्ध होने के बाद अदालत आगे की कानूनी प्रक्रिया पर विचार कर सकती है। CJP ने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से इस संबंध में अपेक्षित स्पष्ट प्रतिबद्धता नहीं दी गई।
इन कानूनी दावों की स्थिति संबंधित अदालती आदेश और सरकारी पक्ष से ही निर्णायक रूप से स्पष्ट होगी।
लिखित आश्वासन नहीं मिलने का भी आरोप
CJP ने दावा किया कि सरकार की ओर से संगठन को दिया जाने वाला कथित लिखित आश्वासन भी अब तक प्राप्त नहीं हुआ है। संगठन ने कहा कि वह लंबे समय से सरकार की कार्रवाई का इंतजार कर रहा था, लेकिन अब आंदोलन दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया गया है।
CJP ने कहा कि उसके धैर्य को कमजोरी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए और सरकार को पहले किए गए कथित वादों पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
5 सितंबर को दिल्ली में शक्ति प्रदर्शन की तैयारी
अब CJP की नजर 5 सितंबर के प्रस्तावित दिल्ली मार्च पर है। संगठन इस प्रदर्शन के जरिए युवाओं से जुड़े मुद्दों और अपनी लंबित मांगों को एक बार फिर केंद्र सरकार के सामने रखने की तैयारी कर रहा है।
फिलहाल प्रस्तावित मार्च, उसके मार्ग और संगठन के आरोपों को लेकर संबंधित सरकारी एजेंसियों या केंद्र सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने का इंतजार है।





