बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित CIMS अस्पताल में दवा वितरण केंद्र पर एक युवक के हंगामे का मामला सामने आया है। आरोप है कि युवक ने अस्पताल कर्मचारियों से विवाद करते हुए खुद को पुलिस अधिकारी का रिश्तेदार बताया और धौंस दिखाते हुए धमकी दी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने युवक की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

जानकारी के अनुसार, प्रियांशु मिश्रा (22) अपने दादा के लिए दवा लेने CIMS अस्पताल पहुंचा था। वह वरिष्ठ नागरिकों के लिए निर्धारित दवा काउंटर की लाइन में खड़ा हो गया। वहां मौजूद कर्मचारी ने उसे सामान्य काउंटर पर जाने के लिए कहा। इसी बात को लेकर युवक और कर्मचारियों के बीच कहासुनी शुरू हो गई।


स्टोर रूम में घुसकर किया हंगामा

विवाद बढ़ने के बाद युवक कथित तौर पर दवा वितरण केंद्र के स्टोर रूम के भीतर घुस गया और वहां मौजूद फार्मासिस्ट तथा अन्य कर्मचारियों से बहस करने लगा। आरोप है कि उसने करीब 15 मिनट तक हंगामा किया, जिससे अस्पताल में दवा वितरण की व्यवस्था भी प्रभावित हुई।

इस दौरान कर्मचारी उसे शांत कराने और बाहर जाने के लिए कहते रहे, लेकिन युवक लगातार विवाद करता रहा। मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।


“सिविल लाइन में मेरा मौसा TI है” कहकर धमकाने का आरोप

वायरल वीडियो में युवक कथित तौर पर कर्मचारियों से कहता नजर आ रहा है कि “सिविल लाइन में मेरा मौसा TI है”। आरोप है कि उसने पुलिस अधिकारी से रिश्तेदारी का हवाला देते हुए कर्मचारियों को देख लेने की धमकी भी दी।

बताया जा रहा है कि अस्पताल परिसर से बाहर आने के बाद भी युवक कर्मचारियों पर माफी मांगने का दबाव बनाता रहा। उसके इसी व्यवहार का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया।


वायरल वीडियो से हुई पहचान

मामला पुलिस तक पहुंचने के बाद वायरल वीडियो के आधार पर युवक की पहचान की गई। पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान सरजू बगीचा, सिविल लाइन निवासी प्रियांशु मिश्रा के रूप में हुई।

एडिशनल एसपी पंकज पटेल के मुताबिक, वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया और रविवार को आरोपी युवक को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ कार्रवाई की।


माफी मांगने और उठक-बैठक का वीडियो भी आया सामने

युवक की गिरफ्तारी के बाद एक अन्य वीडियो भी सामने आया, जिसमें वह कथित तौर पर अपने व्यवहार के लिए माफी मांगता दिखाई दे रहा है। वीडियो में युवक को कान पकड़कर उठक-बैठक लगाते हुए भी देखा गया।

यह वीडियो भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।


अस्पताल की व्यवस्था प्रभावित होने का आरोप

घटना के दौरान दवा वितरण केंद्र पर मरीजों और उनके परिजनों की भीड़ मौजूद थी। करीब 15 मिनट तक चले विवाद के कारण काउंटर का काम प्रभावित होने की बात कही जा रही है।

अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर इस तरह के हंगामे को लेकर कर्मचारियों में नाराजगी भी देखी गई।


पुलिस ने दी सख्त चेतावनी

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी अधिकारी, पद या रिश्तेदारी का नाम लेकर धौंस दिखाने, धमकाने या कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल पुलिस मामले में उपलब्ध वीडियो और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।